योगेंद्र मलिक
हरिद्वार, 20 अप्रैल 2026:
देश मे पहली दफा हरिद्वार जिले में जनसुनवाई को आसान बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है। अब ग्राम पंचायत स्तर पर ही लोगों की समस्याएं सुनी जाएंगी और उन्हें वर्चुअल माध्यम से जिला स्तर तक जोड़ा जाएगा। इस प्रक्रिया में जनप्रतिनिधियों की भी भागीदारी तय की गई है।
मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने इस पूरी प्रक्रिया को मीडिया से साझा किया। गांवों में बनाए गए मिनी सचिवालयों को हर सोमवार होने वाली जनसुनवाई से जोड़ा गया है। ग्राम प्रधान इन केंद्रों पर बैठकर ग्रामीणों की शिकायत दर्ज करेंगे और उन्हें सीधे जिला मुख्यालय में चल रही बैठक से जोड़ देंगे। इससे शिकायत तुरंत अधिकारियों तक पहुंचेगी और समाधान की प्रक्रिया भी वहीं से शुरू हो सकेगी।
उन्होंने बताया कि सभी मिनी सचिवालय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े रहेंगे। जिन समस्याओं का हल गांव स्तर पर संभव होगा, उन्हें वहीं निपटाया जाएगा, जबकि अन्य मामलों को संबंधित विभागों को भेजा जाएगा। जिला स्तर की शिकायतें व्हाट्सएप के जरिए भी ली जाएंगी, जिससे प्रक्रिया और तेज होगी। इस सुविधा का आगाज आज से कर दिया गया।

रजत जयंती वर्ष के तहत जिले के पुराने पंचायत भवनों को सुधार कर 25 मिनी सचिवालय बनाए गए हैं। इनमें बहादराबाद में 8, भगवानपुर में 3, रुड़की में 5, नारसन में 5, लक्सर में 3 और खानपुर में 1 केंद्र शामिल हैं। इन केंद्रों पर हर सप्ताह तय समय पर जनसुनवाई होगी। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से ग्रामीणों को अपनी समस्या लेकर जिला मुख्यालय नहीं आना पड़ेगा। गांव में ही शिकायत दर्ज होगी और अधिकारी ऑनलाइन सुनकर उस पर कार्रवाई करेंगे।
इधर आज सोमवार को जिला मुख्यालय में आयोजित जनसुनवाई में 42 शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें से 21 का मौके पर निस्तारण किया गया, जबकि बाकी शिकायतों को संबंधित विभागों को भेजा गया। शिकायतें जमीन विवाद, बिजली, गैस, अतिक्रमण जैसे मामलों से जुड़ी रहीं।






