लखनऊ, 20 अप्रैल 2026:
लखनऊ विश्वविद्यालय में सोमवार को छात्र असंतोष खुलकर सड़कों पर आ गया। फीस बढ़ोतरी समेत कई समस्याओं को लेकर विभिन्न छात्र संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन किया और कुलपति कार्यालय का घेराव कर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हालात ऐसे रहे कि कैंपस में घंटों तक हंगामे का माहौल बना रहा।
समाजवादी छात्र सभा से जुड़े छात्रों ने मोर्चा खोलते हुए हाल ही में बढ़ाई गई फीस का तीखा विरोध किया। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना था कि लगातार फीस बढ़ाए जाने से आम और मध्यम वर्ग के छात्रों पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की समस्याओं को नजरअंदाज कर रहा है। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही फीस वृद्धि वापस नहीं ली गई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

वहीं, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने भी मोर्चा संभालते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। एबीवीपी के नेतृत्व में छात्रों ने कुलपति कार्यालय का घेराव कर अपनी मांगों को लेकर जोरदार आवाज उठाई। परिषद के पदाधिकारियों ने बताया कि स्नातक (यूजी) प्रवेश परीक्षा शुल्क और विभिन्न पाठ्यक्रमों के सेमेस्टर शुल्क में हुई वृद्धि ने छात्रों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

सिर्फ फीस ही नहीं बल्कि बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर भी छात्रों में गहरा आक्रोश देखने को मिला। एबीवीपी ने आरोप लगाया कि साइबर लाइब्रेरी में लंबे समय से एसी खराब पड़ा है। इससे भीषण गर्मी में पढ़ाई करना मुश्किल हो गया है। इसके अलावा परिसर में पीने के पानी की गुणवत्ता भी खराब है। इससे छात्रों के बीमार होने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
छात्रों ने यह भी कहा कि साइबर लाइब्रेरी का वाई-फाई सही से काम नहीं कर रहा है जिससे ऑनलाइन पढ़ाई और शोध कार्य प्रभावित हो रहे हैं। परिषद ने प्रशासन से इन सभी समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की है। दोनों छात्र संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा। फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस पूरे मामले पर कोई ठोस प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।






