Uttarakhand News : सड़क पर गड्ढा मिला तो अफसर की खैर नहीं! CM धामी का सख्त अल्टीमेटम
एक नवंबर तक हर हाल में मरम्मत, चार घंटे की मैराथन बैठक में डीएम-एसएसपी को दो टूक निर्देश, खुद सड़क मार्ग से पूरे उत्तराखंड का दौरा करेंगे मुख्यमंत्री, त्योहारों की सुरक्षा से कुंभ-2027 की तैयारियों तक की समीक्षा

राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 14 अक्टूबर 2026:
उत्तराखंड में विकास कार्यों की सुस्ती और जनसमस्याओं के निस्तारण में लापरवाही अब अधिकारियों पर भारी पड़ सकती है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साफ कर दिया है कि जनता से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी और कामकाज में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री आवास में मंगलवार देर रात तक चली करीब चार घंटे की उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने सभी जिलाधिकारियों (डीएम) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (एसएसपी) को विकास कार्यों में तेजी लाने और जवाबदेही सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए।
गड्ढों वाली सड़कों पर सीएम की नजर, खुद करेंगे निरीक्षण
सड़कों की बदहाली पर मुख्यमंत्री ने खास नाराजगी जताते हुए डीएम को मौके पर जाकर निरीक्षण करने और लंबित मरम्मत कार्य तत्काल शुरू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गड्ढामुक्त सड़क अभियान को तेज किया जाए। मुख्यमंत्री ने खुद जल्द ही सड़क मार्ग से पूरे प्रदेश का दौरा करने की बात कही। इस दौरान कहीं सड़क टूटी मिली या मरम्मत में लापरवाही सामने आई, तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय होगी।

सीवर और पेयजल पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत के लिए एक नवंबर तक की समयसीमा निर्धारित की गई है। त्योहारों के मद्देनजर बाजारों, आवासीय क्षेत्रों और प्रमुख मार्गों की स्थिति सुधारने पर भी जोर दिया गया।
त्योहारों पर सुरक्षा, अपराध पर तत्काल कार्रवाई
नवरात्र और दीपावली को देखते हुए मुख्यमंत्री ने महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। धार्मिक स्थलों, पर्यटन क्षेत्रों और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाने के साथ ऑपरेशन कालनेमि और सत्यापन अभियान को प्रभावी बनाने को कहा। संज्ञेय अपराधों में नियमानुसार तत्काल एफआईआर दर्ज कर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
कुंभ-2027 से पर्यटन तक, पहले से तैयार रहे प्रशासन
मुख्यमंत्री ने हरिद्वार कुंभ-2027 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समयसीमा में काम पूरा करने को कहा। मसूरी, नैनीताल, हरिद्वार और ऋषिकेश में शीतकालीन पर्यटन एवं यात्रा सीजन के लिए अग्रिम यातायात योजना बनाने के निर्देश दिए, ताकि पर्यटकों और स्थानीय लोगों को परेशानी न हो।
हर 15 दिन में जिलों का हिसाब लेंगे प्रभारी सचिव
बैठक में राजस्व मामलों, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), जिला योजना, आपदा प्रभावित परिवारों को राहत और दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता की भी समीक्षा हुई। वन्यजीवों के हमलों की रोकथाम के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया गया। अब प्रभारी सचिवों को हर 15 दिन में आवंटित जिलों का दौरा कर विकास कार्यों की समीक्षा करनी होगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि अच्छा काम करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी। बैठक में गृह सचिव, दोनों मंडलों के आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, डीएम, एसएसपी और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।






