Share Market : IT शेयरों की तेजी ने संभाला बाजार, सेंसेक्स 530 अंक चढ़ा, निफ्टी 22,700 पार
अमेरिका से लेकर एशिया तक के शेयर बाजारों में भारी गिरावट के बीच भारतीय बाजार में खरीदारी का जोर, टेक महिंद्रा, टीसीएस, इन्फोसिस, HCL टेक के शेयरों में तेजी से सेंसेक्स को मिला सहारा

बिजनेस डेस्क, 15 अक्टूबर 2026:
भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को शुरुआती कारोबार के दौरान तेजी देखने को मिली। दुनिया के कई प्रमुख बाजारों में बिकवाली के दबाव के बावजूद BSE Sensex 530 अंक चढ़कर 73,312 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं NSE Nifty 50 भी 148 अंक की बढ़त के साथ 22,771 पर कारोबार करता दिखा। बाजार को सबसे ज्यादा सहारा IT Stocks में खरीदारी से मिला।
IT शेयरों में खरीदारी से बाजार को मिला सहारा
शुरुआती कारोबार में टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी। टेक महिंद्रा, टीसीएस, इन्फोसिस और एचसीएल टेक के शेयरों में 1.21 से 2.85 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई। इन कंपनियों के शेयरों में खरीदारी का असर प्रमुख सूचकांकों पर भी दिखाई दिया। कारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स 183 अंक की बढ़त के साथ 72,966 पर खुला था। निफ्टी भी 48 अंक ऊपर 22,671 के स्तर पर खुला। इसके बाद खरीदारी बढ़ने से सेंसेक्स की बढ़त 385 अंक तक पहुंच गई, जबकि निफ्टी 106 अंक चढ़कर 22,729 पर पहुंच गया।
अमेरिकी महंगाई ने बढ़ाई वैश्विक बाजारों की चिंता
भारतीय बाजार में तेजी के उलट दुनिया के कई प्रमुख शेयर बाजारों में दबाव बना हुआ है। अमेरिका में महंगाई के अनुमान से ज्यादा रहने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI कंपनियों में निवेश को लेकर बढ़ती चिंताओं ने निवेशकों की धारणा कमजोर की है। अमेरिका में सितंबर के दौरान सालाना उपभोक्ता महंगाई दर बढ़कर 3.7 प्रतिशत हो गई, जबकि अगस्त में यह 3.4 प्रतिशत थी। महंगाई बढ़ने से आशंका है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती करने के बजाय उन्हें ऊंचे स्तर पर बनाए रख सकता है या आगे बढ़ा सकता है। ऐसी स्थिति में निवेशक जोखिम वाले निवेश से दूरी बना सकते हैं।
जापान और दक्षिण कोरिया के बाजारों में भारी गिरावट
गुरुवार को एशियाई बाजारों में बिकवाली का दबाव खास तौर पर देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक 8 प्रतिशत तक टूट गया, जबकि जापान के निक्केई 225 में करीब 4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी नैस्डैक में भी लगभग 2 प्रतिशत की कमजोरी रही। जापान को छोड़कर एशिया-प्रशांत क्षेत्र के बाजारों को दर्शाने वाले MSCI सूचकांक में भी करीब 1.2 प्रतिशत की गिरावट आई। टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में बिकवाली ने बाजारों पर दबाव बढ़ाया।
AI कंपनियों के भारी निवेश पर उठ रहे सवाल
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी कंपनियां डेटा सेंटर, चिप निर्माण और तकनीकी ढांचे पर बड़ी रकम खर्च कर रही हैं। निवेशकों के सामने अब यह सवाल है कि इस भारी निवेश से होने वाली कमाई उम्मीदों के मुताबिक रहेगी या नहीं। इसी चिंता के कारण अमेरिकी बाजार में टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर शेयरों पर दबाव बना। इसका असर एशियाई बाजारों में भी दिखाई दिया। दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार में सेमीकंडक्टर कंपनियों की बड़ी हिस्सेदारी होने के कारण वहां गिरावट ज्यादा तेज रही।






