Gorakhpur News : चाइनीज मांझे से मौत के बाद एक्शन में पुलिस, 20 पतंगबाजों को दबोचा, एक दुकानदार भी गिरफ्तार
गोरखपुर में चाइनीज मांझे से युवक की मौत के बाद पुलिस का अभियान तेज, तिवारीपुर और राजघाट में पतंगबाजों पर कार्रवाई तो सहजनवां के एकला बाजार में दुकान पर मारा छापा

गोरखपुर, 16 अक्टूबर 2026:
यूपी के गोरखपुर में चाइनीज मांझे ने एक परिवार का सहारा छीन लिया, तो अब पुलिस प्रतिबंधित मांझे के इस्तेमाल और कारोबार पर शिकंजा कसने में जुट गई है। तिवारीपुर और राजघाट क्षेत्र में प्रतिबंधित मांझे से पतंग उड़ाते मिले 20 लोगों को पकड़कर शांतिभंग की आशंका में चालान किया गया। वहीं, सहजनवां के एकला बाजार में छापेमारी कर प्रतिबंधित मांझा बेचने के आरोप में एक दुकानदार को गिरफ्तार किया गया है।
पतंग उड़ाने वालों के बाद अब दुकानदार पर भी कार्रवाई
पुलिस की कार्रवाई अब केवल प्रतिबंधित मांझे का इस्तेमाल करने वालों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी बिक्री करने वालों पर भी नजर रखी जा रही है। गीडा पुलिस को एकला बाजार स्थित दुकान पर प्रतिबंधित मांझा बेचे जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने छापेमारी कर दुकानदार अखिलेश निषाद को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान पुलिस को प्रतिबंधित मांझे के चार बंडल मिले। इनमें ‘ही प्लस’ लिखा हुआ मांझा भी शामिल था, जो तीन चरखियों में रखा था। पुलिस ने बरामद मांझे को सील कर दिया है।
तिवारीपुर और राजघाट में 20 लोगों पर कार्रवाई
प्रतिबंधित मांझे के इस्तेमाल के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत तिवारीपुर और राजघाट पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की। इस दौरान प्लास्टिक और प्रतिबंधित मांझे से पतंग उड़ाते मिले 20 लोगों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के बाद शुक्रवार सुबह सभी का शांतिभंग की आशंका में चालान कर दिया गया। पुलिस का कहना है कि प्रतिबंधित मांझे की बिक्री और इस्तेमाल रोकने के लिए अभियान जारी रहेगा। कार्रवाई का मकसद ऐसे धागे के इस्तेमाल पर अंकुश लगाना है, जिससे राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों की जान खतरे में पड़ सकती है।
रमेश की मौत के मामले में अब तक गिरफ्तारी नहीं
गोरखपुर में प्रतिबंधित मांझे से हुई मौत का मामला भी पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। 10 अक्टूबर को हार्बर्ट बांध पर रमेश कन्नौजिया के गले में मांझा फंस गया था, जिससे उनकी मौत हो गई थी। उनकी पत्नी ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। हादसे के छह दिन बाद भी इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि जानलेवा मांझा कहां से आया था और इसका इस्तेमाल किसने किया था। फिलहाल पुलिस का जोर इसकी बिक्री और इस्तेमाल पर रोक लगाने पर है, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।






