LDA की OTS योजना में राहत! बकाया चुकाने पर दंड ब्याज माफ, 2% की अतिरिक्त छूट, जानिए कब तक है मौका
मानचित्र और शमन मानचित्र के बकायेदारों को भी राहत, 30 दिन में पूरा भुगतान करने पर मिलेगी अतिरिक्त छूट, आवेदन और भुगतान की प्रक्रिया में मदद के लिए एलडीए में हेल्प डेस्क

लखनऊ, 24 अक्टूबर 2026:
लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) का लाभ उठाकर बकाया चुकाने वालों के लिए राहत का मौका है। योजना के तहत अब तक 1,567 आवेदन आए हैं। पात्र बकायेदार 15 दिसंबर तक आवेदन कर निर्धारित नियमों और शर्तों के अनुसार छूट का लाभ उठा सकते हैं। खास बात यह है कि इस बार मानचित्र और शमन मानचित्र से संबंधित बकायेदारों को भी योजना के दायरे में शामिल किया गया है। ऐसे में जिन लोगों का शुल्क बकाया है वे भी दंड ब्याज से राहत पाने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
योजना का लाभ लेने में लोगों की सहूलियत के लिए एलडीए में हेल्प डेस्क बनाई गई है। यहां तैनात कर्मचारी आवेदकों को योजना के प्रावधानों की जानकारी देने के साथ ऑनलाइन आवेदन करने में भी मदद कर रहे हैं। प्राधिकरण का प्रयास है कि अधिक से अधिक पात्र बकायेदार समय रहते आवेदन कर योजना का लाभ उठा सकें।
फोन, मैसेज और ई-मेल से भी मिल रही जानकारी
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि ओटीएस योजना के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए व्यापक स्तर पर प्रसार किया जा रहा है। प्राधिकरण का कॉल सेंटर और आईटी अनुभाग बकायेदारों को फोन कॉल, मैसेज और ई-मेल के माध्यम से योजना की जानकारी भेज रहा है। उन्होंने पात्र लोगों से निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन कर योजना का लाभ लेने की अपील की।
मानचित्र के बकायेदारों को भी दंड ब्याज से राहत
इस बार योजना में मानचित्र और शमन मानचित्र से संबंधित बकायेदारों को भी शामिल किया गया है। जिन लोगों ने मानचित्र के देय शुल्क की किस्तें समय पर जमा नहीं की हैं उन्हें भी निर्धारित प्रावधानों के तहत दंड ब्याज से छूट का लाभ मिलेगा। इससे उन आवेदकों को राहत मिल सकती है जिन पर बकाया शुल्क के साथ दंड ब्याज भी जुड़ गया है।
ओटीएस के ये हैं पांच प्रमुख फायदे
योजना के तहत आवेदन जमा करने की तारीख से तीन महीने के भीतर मामले का निस्तारण किया जाएगा। डिफाल्ट अवधि के लिए दंड ब्याज से पूरी छूट मिलेगी और केवल साधारण ब्याज लिया जाएगा। इसकी गणना सॉफ्टवेयर के माध्यम से होगी। ओटीएस की पूरी राशि 30 दिन के भीतर जमा करने पर दो प्रतिशत की अतिरिक्त छूट मिलेगी। देय ओटीएस राशि 50 लाख रुपये से अधिक होने पर आवेदक को 30 दिन के भीतर एक तिहाई रकम जमा करनी होगी। शेष राशि तीन द्विमासिक किस्तों में छह महीने के भीतर जमा की जा सकेगी।

समय पर भुगतान नहीं किया तो क्या होगा?
निर्धारित समय पर भुगतान नहीं करने वालों को अतिरिक्त दंड ब्याज के साथ बकाया राशि जमा करने के लिए एक महीने का मौका मिलेगा। इसलिए पात्र बकायेदारों के लिए जरूरी है कि वे आवेदन करने के बाद भुगतान की समय सीमा और किस्तों से जुड़े नियमों का ध्यान रखें।






