Jio IPO : 1.39 करोड़ आवेदन, 7.4 लाख करोड़ की बोली, अब Meta-Alibaba क्लब में एंट्री की तैयारी
₹30,213 करोड़ का इश्यू बना बाजार की बड़ी चर्चा IPO के वक्त 100 अरब डॉलर से ज्यादा वैल्यूएशन वाली कंपनियों में शामिल होने की तैयारी, 28 अक्टूबर को BSE-NSE पर होगी लिस्टिंग

बिजनेस डेस्क, 24 अक्टूबर 2026:
रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO निवेशकों की भारी मांग के चलते शेयर बाजार में नए रिकॉर्ड बनाने जा रहा है। 22.19 गुना सब्सक्रिप्शन, करीब 1.39 करोड़ आवेदन तथा पब्लिक इश्यू और एंकर निवेशकों से मिली कुल 7.4 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की बोलियों ने इसे देश के सबसे चर्चित IPO में शामिल कर दिया है। अब कंपनी की नजर दुनिया की उन चुनिंदा फाउंडर-लेड कंपनियों के क्लब में जगह बनाने पर है, जिन्होंने IPO के समय 100 अरब डॉलर से ज्यादा का वैल्यूएशन हासिल किया था। इस सूची में Meta, Alibaba और SpaceX जैसी कंपनियां शामिल हैं।
100 मिनट में पूरा भर गया IPO
जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO 21 अक्टूबर को खुला था, जबकि 23 अक्टूबर को बोली लगाने की प्रक्रिया बंद हुई। इश्यू खुलने के करीब 100 मिनट के भीतर ही यह पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया था। उपलब्ध 19.75 करोड़ शेयरों के मुकाबले निवेशकों ने 438.3 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां लगाईं। अकेले पब्लिक इश्यू में 4.9 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की मांग आई।
संस्थागत निवेशकों ने लगाई सबसे बड़ी बोली
IPO में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIB कैटेगरी को सबसे मजबूत रिस्पॉन्स मिला। इस हिस्से में उपलब्ध शेयरों के मुकाबले 70.55 गुना बोलियां आईं। नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों की कैटेगरी 14 गुना सब्सक्राइब हुई, जबकि रिटेल निवेशकों का हिस्सा 2.72 गुना भरा। रिलायंस के शेयरधारकों के लिए आरक्षित हिस्से में 7.60 गुना मांग रही. कर्मचारियों के लिए रखे गए हिस्से को 2.93 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। घरेलू वित्तीय संस्थानों, विदेशी संस्थागत निवेशकों और म्यूचुअल फंडों की ओर से भी बड़ी संख्या में शेयरों के लिए बोलियां लगाई गईं।
100 अरब डॉलर से ज्यादा वैल्यूएशन वाला खास क्लब
जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO करीब 10.3 लाख करोड़ रुपये के वैल्यूएशन के साथ कंपनी को वैश्विक स्तर पर एक खास मुकाम दिलाने की तैयारी में है। IPO के समय 100 अरब डॉलर से ज्यादा का वैल्यूएशन हासिल करने वाली फाउंडर-लेड कंपनियों की सूची में Meta, Alibaba और SpaceX के नाम शामिल हैं। जियो इस समूह में जगह बनाने वाली अगली बड़ी कंपनी बन सकती है।
एंकर निवेशकों से जुटाए 8,110 करोड़ रुपये
पब्लिक इश्यू खुलने से पहले 19 अक्टूबर को कंपनी ने 212 एंकर निवेशकों से करीब 8,110 करोड़ रुपये जुटाए थे। इन निवेशकों को 1,119 रुपये प्रति शेयर के भाव पर शेयर आवंटित किए गए। एंकर बुक में ब्लैकरॉक, फिडेलिटी इन्वेस्टमेंट्स, GIC और अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी जैसे बड़े वैश्विक निवेशकों ने हिस्सा लिया।
IPO से जुटाई रकम का क्या होगा इस्तेमाल
कंपनी ने IPO के लिए 1,065 से 1,119 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था। इश्यू में 27 करोड़ नए शेयर जारी किए गए हैं। ऊपरी प्राइस बैंड के हिसाब से कंपनी का लक्ष्य 30,213 करोड़ रुपये जुटाना है। इस इश्यू में मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी नहीं बेच रहे हैं, इसलिए इससे मिलने वाली रकम कंपनी को मिलेगी। रिलायंस इंडस्ट्रीज की जियो प्लेटफॉर्म्स में 66.4 फीसदी हिस्सेदारी है। कंपनी की योजना जुटाई गई रकम में से 27,500 करोड़ रुपये तक का इस्तेमाल रिलायंस जियो इंफोकॉम का कर्ज चुकाने में करने की है। बाकी रकम का इस्तेमाल टेक्नोलॉजी, डिजिटल सेवाओं, पूंजीगत खर्च और कारोबारी जरूरतों के लिए किया जाएगा।
टेलीकॉम से आगे AI और क्लाउड पर नजर
जियो प्लेटफॉर्म्स अब अपने टेलीकॉम कारोबार के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI, क्लाउड सेवाओं और डिजिटल टेक्नोलॉजी में भी विस्तार करना चाहती है। कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी ने 53.33 करोड़ ग्राहकों को नए कारोबार के विस्तार का आधार बताया है। कंपनी के शेयर 28 अक्टूबर को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी BSE और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE पर लिस्ट होने वाले हैं। निवेशकों की नजर अब लिस्टिंग पर टिकी हैं।






