
लखनऊ, 29 अगस्त 2025 :
यूपी की राजधानी लखनऊ में हॉकी के जादूगर’ पद्मभूषण मेजर ध्यानचंद की जयंती ‘राष्ट्रीय खेल दिवस’ के रूप में जोश से मनाई गई। सीएम योगी ने उन्हें श्रद्धांजलि दी हॉकी स्टिक पकड़कर शॉट मारा। सहायक खेल प्रशिक्षकों को नियुक्ति-पत्र के साथ साथ राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में यूपी के 88 पदक विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार राशि सौंपी। इस मौके पर सीएम ने हर मंडल में एक स्पोर्ट्स कालेज होने का एलान भी किया।

विजयंत खंड स्थित मोहम्मद शाहिद स्टेडियम में आयोजित समारोह में सीएम ने कहा कि सरकार खेल और खेलकूद की गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ लगी हुई है। आज हर ग्राम पंचायत में खेल का मैदान, हर विकास खंड स्तर पर एक मिनी स्टेडियम और जनपद स्तर पर एक स्टेडियम के निर्माण का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। अब प्रदेश सरकार ने तय किया है कि हर कमिश्नरी में एक-एक स्पोर्ट्स कॉलेज होना चाहिए, जिससे अधिक से अधिक खिलाड़ियों को अवसर मिल सके।
जब मेजर ध्यानचंद की बात आती है तो हर भारतीय के मन में हॉकी स्टिक की छवि उभर आती है। मेजर ध्यानचंद की स्मृति को आगे बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में खेल का सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार मेजर ध्यानचंद के नाम पर घोषित हुआ। उत्तर प्रदेश मेजर ध्यानचंद की जन्मभूमि है। उनकी स्मृति में यूपी की पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का नामकरण हम लोगों ने मेरठ में मेजर ध्यानचंद के नाम पर ही किया है। आज मेरठ स्थित मेजर ध्यानचंद स्टेट स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी में पहले शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ हुआ है।

अगर व्यक्ति खेलकूद से जुड़ेगा तो राष्ट्र के प्रति समर्पण का भी भाव होगा। खेल के क्षेत्र में एक नई क्रांति देश के अंदर आ रही है। खेल गतिविधियों को आगे बढ़ाया जा रहा है और खेल की नई नीति को लागू कर दिया गया है। नए खिलाड़ियों को अब मंच मिलेंगे, कोच मिलेंगे और अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर मिलेगा। खेल और खेलकूद की गतिविधियां प्राचीन काल से ही भारत के लोगों के जीवन का हिस्सा रही हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार ने लोक सेवा आयोग की परिधि के बाहर के पदों पर प्रदेश के प्रतिभावान कुशल खिलाड़ियों की नियुक्ति के लिए 2% Horizontal आरक्षण की व्यवस्था की है। अब तक हम लोग 500 से अधिक खिलाड़ियों को पुलिस बल और विभिन्न विभागों में नौकरी दे चुके हैं।






