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सीएम ने की विदेशी निवेश की समीक्षा, कहा… निवेशकों को दें फ़ास्ट ट्रैक सुविधा, भरोसे वाला स्टेट बने यूपी

सीएम योगी ने उच्च स्तरीय बैठक में कहा ‘स्पीड, स्टेबिलिटी और सपोर्ट’ बनाएंगे यूपी को निवेश का ग्लोबल हब, एफडीआई बढ़ाने के लिए संवाद तेज करने के निर्देश

लखनऊ, 5 दिसंबर 2025:

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को विदेशी निवेश से जुड़े प्रयासों की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश अब ‘निवेश की संभावना’ नहीं बल्कि ‘निवेश के भरोसे’ वाला राज्य बन चुका है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर निवेशक को फास्ट-ट्रैक सुविधा मिले, संवाद लगातार जारी रहे और किसी भी स्तर पर देरी न हो।

सीएम ने स्पष्ट कहा कि ‘स्पीड, स्टेबिलिटी और सपोर्ट’ ही नए उत्तर प्रदेश की पहचान है और इन्हीं तीन आधारों पर राज्य को वैश्विक निवेश का मुख्य केंद्र बनाया जाएगा। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2025-26 की सितंबर तक की अवधि में 683 मिलियन अमेरिकी डॉलर का विदेशी निवेश प्रदेश में आया है। अक्टूबर 2019 से अब तक यूपी 2,754 मिलियन अमेरिकी डॉलर के संचयी विदेशी निवेश के साथ लगातार आगे बढ़ रहा है। चालू वित्तीय वर्ष में 5,963 करोड़ रुपये के एफडीआई प्रवाह ने निवेशकों के बढ़ते भरोसे को और मजबूत किया है।

एफडीआई-एफसीआई-फॉर्च्यून 500 नीति-2023 के तहत 11 कंपनियों ने 13,610 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव दिए हैं। इसके अलावा 22 प्रस्तावों से 17,810 करोड़ रुपये का निवेश मिलने की संभावना है, जबकि 56,000 करोड़ रुपये के निवेश से जुड़े 29 आवेदन प्रक्रियाधीन हैं।

जापान, अमेरिका, बेल्जियम, यूके, पोलैंड और सिंगापुर यूपी के प्रमुख निवेश साझेदारों के रूप में तेजी से उभर रहे हैं। इन्वेस्ट यूपी के जापान, दक्षिण कोरिया, ताइवान, जर्मनी, फ्रांस, सिंगापुर और खाड़ी देशों के कंट्री डेस्क लगातार सक्रिय हैं। अब तक 100+ वन-टू-वन बैठकें की गईं। कई दूतावासों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार संगठनों से नियमित संवाद हो रहा है। छह गोलमेज बैठकों से खाड़ी देशों की 83 कंपनियों से सीधा संपर्क कर 5,000 करोड़ रुपये के प्रस्ताव हासिल किए।

प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स, विनिर्माण, फार्मा, बैंकिंग, बीमा और मीडिया सेक्टर को निवेश के लिए सबसे अधिक संभावनाशील बताया गया। सीएम योगी ने कहा कि ललितपुर के फार्मा पार्क के इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण में तेजी लाई जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बड़ी दवा कंपनियों से लगातार संवाद रखा जाए और उन्हें जमीन, बिजली-पानी की सभी सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं।

सीएम ने निर्देश दिया कि सभी विदेशी डेस्क नियमित अंतराल पर राउंड टेबल बैठकें आयोजित करें। हर निवेशक के लिए एकल संपर्क अधिकारी नियुक्त हो
बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण में मानव संसाधन की कमी नहीं रहने दी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेशकों को पहले दिन से तैयार ‘प्लग एंड प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर’ उपलब्ध कराया जाए। इससे कंपनियां बिना देरी के उत्पादन शुरू कर सकेंगी और यूपी की प्रतिस्पर्धा क्षमता अन्य राज्यों से आगे बढ़ेगी। उन्होंने दिल्ली- एनसीआर में कंपनियों के कॉरपोरेट और मुख्यालय स्थापित कराने को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

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