लखनऊ, 3 जनवरी 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ के साथ प्रदेश के अन्य शहरों से मुंबई जाने-आने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है। लंबे समय से कंफर्म टिकट की समस्या झेल रहे यात्रियों को जल्द ही बड़ी सहूलियत मिल सकती है। रेलवे प्रशासन लखनऊ-मुंबई रूट पर सप्ताह में एक या सीमित दिनों में चलने वाली सात ट्रेनों को रोजाना चलाने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। यह योजना अमल में आती है तो हर सप्ताह करीब 30 हजार यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।
रेलवे सूत्रों के अनुसार इस पहल की शुरुआत उद्योग नगरी एक्सप्रेस (12174) से किए जाने की तैयारी है। फिलहाल यह ट्रेन सप्ताह में सीमित दिनों में चलती है लेकिन इसे जल्द ही नियमित किया जा सकता है। अभी लखनऊ-मुंबई रूट पर केवल चार ट्रेनें ही रोजाना चल रही हैं। उनमें पुष्पक एक्सप्रेस, कुशीनगर एक्सप्रेस, अवध एक्सप्रेस और आजमगढ़-मुंबई एक्सप्रेस शामिल हैं। इन ट्रेनों में भी भारी भीड़ के चलते टिकट मिलना बेहद मुश्किल हो गया है।

उत्तर रेलवे के सीनियर डीसीएम कुलदीप तिवारी के मुताबिक सात अतिरिक्त ट्रेनों को नियमित करने से न सिर्फ यात्रियों को राहत मिलेगी बल्कि रेलवे के राजस्व में भी इजाफा होगा। यात्रियों की लगातार शिकायतों और बढ़ती मांग को देखते हुए यह योजना तैयार की गई है। जिन ट्रेनों को रोजाना चलाने की तैयारी है उनमें उद्योग नगरी एक्सप्रेस (12174), सीतापुर-एलटीटी एक्सप्रेस (12108), गोरखपुर-पनवेल एक्सप्रेस (15065), गोरखपुर-एलटीटी एक्सप्रेस (11080), लखनऊ-एलटीटी एसी एक्सप्रेस (22122), लखनऊ जंक्शन-बांद्रा सुपरफास्ट एक्सप्रेस (20922) और एलटीटी एक्सप्रेस (12144) शामिल हैं। अभी ये ट्रेनें अलग-अलग दिनों में संचालित होती हैं, जिससे यात्रियों को योजना बनाना मुश्किल हो जाता है।
हालांकि इस योजना के सामने सबसे बड़ी चुनौती रैक (कोच सेट) की उपलब्धता है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार किसी एक ट्रेन को रोजाना चलाने के लिए कम से कम चार रैक की जरूरत होती है। सात ट्रेनों के लिए कुल 28 रैक चाहिए जबकि फिलहाल 14 रैक ही उपलब्ध हैं। इसके अलावा छह रैक आपात स्थितियों के लिए आरक्षित रखने होते हैं। ऐसे में रेलवे ने 20 अतिरिक्त रैक की मांग की है जिनकी व्यवस्था की जा रही है।
दूसरी तरफ यात्रियों का कहना है कि बीते कई महीनों से मुंबई रूट की ट्रेनों में कंफर्म टिकट मिलना लगभग नामुमकिन हो गया है। वेटिंग पर अंकुश लगने के बाद हालात और बिगड़ गए हैं। पुष्पक एक्सप्रेस की स्लीपर क्लास में शनिवार-रविवार को रिग्रेट की स्थिति है। थर्ड एसी में भी भारी वेटिंग है। कुशीनगर और अवध एक्सप्रेस समेत अन्य ट्रेनों में भी यही हाल है।
रेलवे की यह योजना अभी प्रक्रिया में है। जब तक सातों ट्रेनें रोजाना नहीं हो जातीं तब तक यात्रियों को सलाह है कि टिकट बुकिंग समय से पहले करें। वैकल्पिक ट्रेनों पर नजर रखें और रेलवे की आधिकारिक घोषणाओं का इंतजार करें। नियमित संचालन शुरू होते ही मुंबई का सफर निश्चय ही पहले से ज्यादा सुगम हो जाएगा।






