Business

चांदी ने तोड़ा हर रिकॉर्ड… 83.62 डॉलर पर पहुंचा भाव, जानिए इस साल अबतक कितनी बढ़ी कीमत

चांदी की कीमतों ने ऑल-टाइम हाई छूकर निवेशकों का ध्यान खींच लिया है, जहां सप्लाई की तंगी और इंडस्ट्रियल डिमांड ने रफ्तार दी है। जानकार मानते हैं कि लॉन्ग टर्म में ट्रेंड मजबूत है

बिजनेस डेस्क, 7 जनवरी 2026:

इंटरनेशनल मार्केट में चांदी की कीमतों ने एक बार फिर नया रिकॉर्ड बना लिया है। आज चांदी का भाव 83.62 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। भारतीय बाजार में आज चांदी की कीमत 2,46,044 रुपए किलो है, जबकि बीते कल 2,43,150 रुपए किलो थी। साल 2026 की शुरुआत से अब तक चांदी करीब 15 प्रतिशत मजबूत हो चुकी है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, मजबूत मांग और कमजोर सप्लाई के मेल ने इस तेजी को नई रफ्तार दी है।

ब्रोकरेज फर्म एक्सिस सिक्योरिटीज के एनालिस्ट्स का कहना है कि चांदी को इस समय इंडस्ट्रियल सेक्टर से जबरदस्त सपोर्ट मिल रहा है। सोलर पावर, इलेक्ट्रिक वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटो पार्ट्स जैसे क्षेत्रों में चांदी का उपयोग लगातार बढ़ रहा है। इसके साथ ही ETF के जरिए निवेश भी बढ़ा है, जिससे कीमतों को अतिरिक्त सहारा मिला है। भारत में सोलर क्षमता बढ़ाने की सरकारी योजनाओं ने भी घरेलू मांग को मजबूती दी है।

वहीं सप्लाई का मोर्चा लगातार दबाव में बना हुआ है। Silver Institute के आंकड़ों के मुताबिक, वैश्विक चांदी बाजार लगातार पांचवें साल संरचनात्मक घाटे में है। लगभग 70 प्रतिशत चांदी का उत्पादन दूसरी धातुओं के साथ उप उत्पाद के रूप में होता है, जिससे उत्पादन तेजी से बढ़ाना आसान नहीं है। घटते अयस्क स्तर, सीमित रीसाइक्लिंग और सपाट माइन आउटपुट ने उपलब्धता को और कम कर दिया है। प्रमुख वैश्विक बाजारों में स्टॉक भी कई साल के निचले स्तर के पास है।

इनक्रीड मनी और एक्सिस सिक्योरिटीज की रिपोर्ट्स के अनुसार, चीन द्वारा चांदी के निर्यात पर सख्ती की आशंका ने सप्लाई से जुड़ी चिंताओं को और बढ़ा दिया है। अगर चीन ने नियंत्रण बढ़ाया, तो वैश्विक बाजार में चांदी की कमी और गहरी हो सकती है। इसके अलावा कमजोर अमेरिकी डॉलर और भविष्य में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों ने भी चांदी को मजबूती दी है।

लंबे समय तक ETF से निकासी के बाद अब निवेशकों की रुचि दोबारा लौटती दिख रही है। हाल के महीनों में सिल्वर ETF में निवेश बढ़ा है, जिससे पहले की बिकवाली की भरपाई हुई है। भू राजनीतिक अनिश्चितता और वैश्विक कर्ज के ऊंचे स्तर भी निवेशकों को चांदी की ओर आकर्षित कर रहे हैं। इनक्रीड मनी और टाटा म्यूचुअल फंड के अनुसार, मध्यम से लंबी अवधि में चांदी का रुख सकारात्मक रह सकता है, हालांकि तेज तेजी के बाद कुछ उतार चढाव और मुनाफावसूली संभव है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button