Lucknow CityNational

ईसीएमएस में यूपी को बड़ी औद्योगिक छलांग : इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में नया अध्याय, हजारों रोजगार की उम्मीद

योजना के तीसरे चरण में 22 प्रस्तावों को मिली मंजूरी, इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन को मजबूती मिलेगी और आयात पर निर्भरता में आएगी उल्लेखनीय कमी

लखनऊ, 7 जनवरी 2026:

यूपी तेजी से देश के अग्रणी औद्योगिक राज्यों की कतार में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। केंद्र सरकार की इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (ईसीएमएस) के तीसरे चरण में 22 प्रस्तावों को मिली मंजूरी में उत्तर प्रदेश का प्रमुख स्थान हासिल करना इसी बदलते औद्योगिक परिदृश्य का प्रमाण है। इस योजना के तहत प्रदेश से चार प्रस्तावों को स्वीकृति मिली है। इससे उत्तर प्रदेश उन 11 राज्यों में शामिल हो गया है जहां इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट निर्माण से जुड़ी परियोजनाओं को हरी झंडी दी गई है।

ईसीएमएस योजना के अंतर्गत देशभर में लगभग 41,863 करोड़ रुपये के निवेश और 33,791 प्रत्यक्ष रोजगार सृजन की संभावना है। इसका सीधा लाभ उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मिलने के साथ-साथ प्रदेश के युवाओं के लिए नए अवसर भी खोलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन को मजबूती मिलेगी और आयात पर निर्भरता में उल्लेखनीय कमी आएगी।

योगी सरकार ने बीते वर्षों में निवेश के अनुकूल माहौल तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया है। वर्ष 2017 में अधिसूचित उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण नीति और हालिया इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग पॉलिसी 2025 ने वैश्विक निवेशकों का भरोसा जीतने में अहम भूमिका निभाई है। मतबूत कानून-व्यवस्था, पारदर्शी नीतियां और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के चलते उत्तर प्रदेश आज इलेक्ट्रॉनिक्स और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग के लिए पसंदीदा गंतव्य बनकर उभरा है।

प्रदेश पहले ही देश का सबसे बड़ा मोबाइल विनिर्माण केंद्र बन चुका है, जहां भारत के 55 प्रतिशत से अधिक स्मार्टफोन और लगभग 50 से 60 प्रतिशत मोबाइल कंपोनेंट्स का उत्पादन होता है। ईसीएमएस के तहत स्थापित होने वाली इकाइयों में पीसीबी, डिस्प्ले मॉड्यूल, लिथियम-आयन सेल और अन्य महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स का निर्माण किया जाएगा। इससे हाई-वैल्यू मैन्युफैक्चरिंग को नया विस्तार मिलेगा।

वर्तमान में उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग (ईएसडीएम) क्षेत्र से जुड़ी 200 से अधिक कंपनियां कार्यरत हैं। वीवो, ओप्पो, सैमसंग, लावा, हायर और एलजी जैसे बड़े ब्रांड्स के साथ-साथ होलिटेक, ट्रांसशन, जाह्वा, सनवोडा और सैमक्वांग जैसे कंपोनेंट आपूर्तिकर्ताओं की मौजूदगी प्रदेश की औद्योगिक ताकत को दर्शाती है। योगी सरकार का लक्ष्य प्रदेश को आत्मनिर्भर भारत की रीढ़ बनाना है। ईसीएमएस के तहत मिली यह स्वीकृति उसी दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button