लखनऊ/भुवनेश्वर, 17 जनवरी 2026:
सपा मुखिया एवं यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव दो दिवसीय दौरे पर भुवनेश्वर में हैं। शनिवार को उन्होंने एक कार्यक्रम में शिरकत की और पार्टी की नीतियों, एजेंडे और देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर खुलकर अपनी बात रखी। कार्यक्रम के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने भाजपा पर तीखा हमला बोला।
अखिलेश यादव ने कहा कि हमारा और देश के हर लोकतांत्रिक नागरिक का लक्ष्य होना चाहिए कि बीजेपी को सत्ता से हटाया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) के नाम पर घोटाले की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री द्वारा चार करोड़ वोट कटने के बयान पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें कैसे पता कि इतने वोट कट गए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर नकली फॉर्म-6 भरवाए गए तो सपा एफआईआर दर्ज कराएगी।
ईवीएम से चुनाव के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने साफ कहा कि मैं 80 की 80 (यूपी की) लोकसभा सीटें भी जीत जाऊं तब भी मुझे ईवीएम पसंद नहीं आएगी। उन्होंने इसे लोकतंत्र से जुड़ा गंभीर सवाल बताया। महंगाई और किसानों की समस्याओं पर बोलते हुए सपा मुखिया ने कहा कि बिजली, सिंचाई और खाद लगातार महंगी होती जा रही है। किसानों की लागत बढ़ रही है लेकिन सरकार उन्हें मुनाफा नहीं दे पा रही। उन्होंने आरोप लगाया कि धरती पर शायद ही किसी राज में इतने मंदिर टूटे हों जितने भारतीय जनता पार्टी के शासन में तोड़े गए हैं।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर चिंता जताते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि हेल्दी इंडिया सिर्फ स्लोगन नहीं, मिशन होना चाहिए। उन्होंने गरीबों को मुफ्त इलाज की वकालत करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सुधार के लिए जनांदोलन जरूरी है। उनका कहना था कि हमारी कोशिश यह होनी चाहिए कि लोग बीमार ही न पड़ें। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि खांसी हो तो बीजेपी वाली खांसी की दवाई मत लेना।
उन्होंने कहा कि देश में हेल्थ सर्विसेज बार-बार फेल हो रही हैं। इमरजेंसी सेवाएं लगभग खत्म हो चुकी हैं। योग पर भाषण तो बहुत दिए जा रहे हैं लेकिन स्कूल-कॉलेजों में बच्चों के शारीरिक विकास का कोई ठोस सिस्टम नहीं है।
इससे पहले शुक्रवार को अखिलेश यादव ने ओडिशा के पूर्व सीएम नवीन पटनायक से शिष्टाचार भेंट की थी। दोनों नेताओं के बीच विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा हुई। मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा कि पूरे देश में भाजपा की पोल खुल रही है। समाजवादी पार्टी हर वर्ग को जोड़ने की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि हम ओडिशा में पीडीए का पेड़ लगाने आए हैं। विभाजन की नहीं, जोड़ने की राजनीति होनी चाहिए।






