लखनऊ, 21 जनवरी 2026:
उत्तर प्रदेश सरकार AI और फ्यूचर स्किल्स के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए ठोस कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग ने AI आधारित नवाचार, डिजिटल स्किल्स और रोजगारोन्मुखी तकनीकी विकास को बढ़ावा देने के लिए विशेष पहल शुरू की है। इसी दिशा में मंगलवार को राज्य स्तरीय एआई-लेड इनोवेशन एंड कैपेसिटी बिल्डिंग कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें दिग्गज टेक कंपनियों, नीति निर्माताओं और तकनीकी विशेषज्ञों ने भाग लिया।
इंडस्ट्री रेडी टैलेंट पर जोर
सम्मेलन में AI, डिजिटल स्किल्स, फ्यूचर स्किल्स, क्षमता निर्माण और रोजगार सृजन जैसे विषयों पर चर्चा हुई। देश-विदेश की अग्रणी कंपनियों ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से अपने अनुभव और सुझाव साझा किए। माइक्रोसॉफ्ट, टीसीएस, एचसीएल, गूगल, इंटेल और वाधवानी फाउंडेशन ने एआई के व्यावहारिक उपयोग, स्किल डेवलपमेंट और भविष्य की तकनीकी जरूरतों पर केस स्टडी प्रस्तुत की। NVIDIA, IBM, Red Hat, सिफी टेक्नोलॉजीज और 1M1B फाउंडेशन ने क्लाउड कंप्यूटिंग, ओपन-सोर्स टेक्नोलॉजी और वैश्विक स्किल प्लेटफॉर्म पर अपने विचार रखे।
भाषिणी प्लेटफॉर्म से डिजिटल सशक्तिकरण
सम्मेलन के तकनीकी सत्रों में भाषिणी प्लेटफॉर्म पर विशेष प्रस्तुति दी गई। इसमें बहुभाषी डिजिटल सशक्तिकरण और नागरिक सेवाओं में भाषा तकनीक के उपयोग पर प्रकाश डाला गया। विशेषज्ञों ने कहा कि एआई और उभरती तकनीकें यूपी के आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और सुशासन के लिए मजबूत आधार बन रही हैं।
नासकॉम के साथ एमओयू: युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण
केंद्र फॉर ई-गवर्नेंस और नासकॉम के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। नासकॉम के फ्यूचर स्किल्स प्राइम कार्यक्रम के तहत यह समझौता प्रदेश के युवाओं को उभरती तकनीकों में प्रशिक्षित करेगा। इसका उद्देश्य उद्योग-उपयोगी कौशल विकसित करना और रोजगार के नए अवसर सृजित करना है। नासकॉम की सीईओ डॉ. अभिलाषा गौर ने कहा कि उत्तर प्रदेश में टैलेंट और अवसर दोनों की अपार संभावनाएं हैं।
AI प्रज्ञा: 10 लाख लोगों तक पहुंचेगी डिजिटल शिक्षा
सम्मेलन के अंतिम चरण में आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग ने एआई प्रज्ञा की प्रस्तुति दी। यह पहल प्रदेश के 10 लाख नागरिकों को एआई साक्षरता से जोड़ने और उन्हें भविष्य के डिजिटल अवसरों के लिए तैयार करने का लक्ष्य रखती है। इससे युवा वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सक्षम होंगे और प्रदेश में डिजिटल दक्षता बढ़ेगी।
टेक्नोलॉजी और रोजगार का नया संगम
योगी सरकार की यह पहल प्रदेश को एआई इनोवेशन हब बनाने में मदद करेगी। सम्मेलन में साझा किए गए विचारों और तकनीकी समाधानों से न केवल युवाओं की क्षमता बढ़ेगी, बल्कि प्रदेश में डिजिटल इकोसिस्टम भी मजबूत होगा। उद्योग, सरकार और शिक्षा संस्थानों के बीच सहयोग से एआई और फ्यूचर स्किल्स के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश अग्रणी बनकर उभरेगा।






