लखनऊ, 22 जनवरी 2026:
यूपी सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं की पहुंच को मजबूत करने की दिशा में एक और अहम कदम बढ़ाया है। पंचायती राज विभाग ने ग्राम पंचायत स्तर पर आधार सेवाओं की शुरुआत कर दी है। इससे अब ग्रामीणों को आधार से जुड़े कार्यों के लिए शहरों या तहसीलों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। यह पहल ग्रामीण जीवन को आसान बनाने के साथ-साथ पंचायतों को डिजिटल रूप से सशक्त करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सरोजनीनगर ब्लॉक की ग्राम पंचायत भटगवां पांडेय और चिनहट ब्लॉक की सैरपुर ग्राम पंचायत में आधार सेवाएं शुरू कर दी गई हैं। इन दोनों पंचायतों में अब तक 40 से अधिक ग्रामीणों को आधार नामांकन, संशोधन सहित अन्य सेवाएं प्रदान की जा चुकी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले आधार से जुड़े छोटे-छोटे कामों के लिए उन्हें शहर जाना पड़ता था, जिसमें समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती थी, लेकिन अब यह सुविधा गांव में ही मिलने से बड़ी राहत मिली है।
पंचायती राज विभाग के अनुसार यह योजना पहले चरण में प्रदेश की 1000 ग्राम पंचायतों में लागू की जाएगी। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से उत्तर प्रदेश की सभी 57,694 ग्राम पंचायतों तक आधार सेवाओं का विस्तार किया जाएगा। योजना के सुचारु क्रियान्वयन के लिए पंचायत सहायकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अब तक 800 से अधिक पंचायत सहायकों को प्रारंभिक प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जबकि शेष का प्रशिक्षण कार्य तेजी से जारी है।
पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि ग्राम स्तर पर आधार सेवाओं की शुरुआत ग्रामीणों के जीवन को सरल बनाने की दिशा में एक बड़ा और दूरगामी कदम है। इससे न केवल समय और संसाधनों की बचत होगी, बल्कि ग्राम पंचायतें आत्मनिर्भर और सक्षम भी बनेंगी। पंचायती राज विभाग के निदेशक अमित कुमार सिंह ने बताया कि विभाग ग्राम पंचायतों को नागरिक सेवा केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
ग्राम पंचायत स्तर पर आधार सेवाओं की यह पहल डिजिटल इंडिया और सशक्त पंचायतों के संकल्प को जमीनी स्तर पर साकार करने की दिशा में एक मजबूत शुरुआत मानी जा रही है, जिसका लाभ आने वाले समय में प्रदेश के हर गांव तक पहुंचेगा।






