लखनऊ, 31 जनवरी 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) की महिला रेजिडेंट डॉक्टर के यौन शोषण और धर्मांतरण की कोशिश के मामले ने अब एक बड़े ‘सिंडिकेट’ का रूप ले लिया है। पुलिस ने इस मामले के मुख्य आरोपी रमीज के करीबी एवं 25 हजार रुपये के इनामी सारिक खान को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो इस नेटवर्क को लेकर कई खुलासे हुए।
जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि सारिक केवल रमीज के निकाह का गवाह नहीं बल्कि फर्जी कागजातों का विशेषज्ञ था। वह धर्मांतरण के बाद महिलाओं के नाम बदलकर उनके जाली दस्तावेज तैयार करता था। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि उसने रमीज के साथ मिलकर न केवल फर्जी निकाहनामा बनाया बल्कि पीड़िताओं के अश्लील वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल भी किया।
सारिक की गिरफ्तारी पुलिस के लिए एक बड़ी कामयाबी है क्योंकि वह पासपोर्ट बनवाकर विदेश भागने की तैयारी में था। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह दिल्ली, उत्तराखंड और बरेली जैसे ठिकानों पर छिपता फिर रहा था। हालांकि, अब उसके मोबाइल फोन ने पुलिस को कई अहम सुराग दे दिए हैं।
इस मामले में अब तक चार गिरफ्तारियां हो चुकी हैं लेकिन कथित धर्मांतरण कराने वाला काजी अपनी उम्र (90 वर्ष) और बीमारी के कारण फिलहाल पुलिस की पकड़ से बाहर है। जब सारिक से यह पूछा गया कि उसने अब तक कितनी महिलाओं का धर्मांतरण कराया तो उसने रहस्यमयी चुप्पी साध ली।
छानबीन में क्षयह बात भी सामने आई है कि आरोपी ने पकड़े जाने से पहले अपने फोन का काफी डाटा डिलीट कर दिया है। एसीपी चौक राजकुमार सिंह के अनुसार मोबाइल को फोरेंसिक लैब भेजा जा रहा है ताकि डिलीट किए गए डेटा से इस गिरोह के अन्य मददगारों और शिकार बनी अन्य महिलाओं का पता लगाया जा सके।






