अम्बेडकरनगर, 31 जनवरी 2026:
सऊदी अरब के अबहा शहर में गंभीर संकट में फंसे 161 भारतीय मजदूरों में अंबेडकरनगर जिले के भी नौ मजदूर शामिल हैं। इन मजदूरों का कहना है कि बीते तीन महीनों से न उन्हें मेहनताना मिला है और न ही भरपेट भोजन। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि एक वक्त की रोटी के लिए भी जूझना पड़ रहा है। बेबस मजदूरों ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर भारत सरकार से सुरक्षित देश वापसी की अपील की है।
वीडियो सामने आने के बाद उनके परिवारों में चिंता और बेचैनी बढ़ गई है। घरवालों का कहना है कि शुरुआत में काम ठीक चला, लेकिन धीरे-धीरे हालात बिगड़ते चले गए और अब मजदूर पूरी तरह फंसे हुए हैं। बताया जा रहा है कि सऊदी अरब में फंसे मजदूरों का वीजा छह महीने पहले ही समाप्त हो चुका है, इसके बावजूद कंपनी उन्हें वापस नहीं भेज रही है। आरोप है कि कंपनी ने मजदूरों के पासपोर्ट अपने पास रख लिए हैं और उनसे जबरन पेंटिंग का काम कराया जा रहा है।
अकबरपुर जिला मुख्यालय से करीब 19 किलोमीटर दूर अमिया बामनपुर गांव के हृदेश कुमार वहां गंभीर संकट में हैं। उनके पिता राममिलन ने बताया कि बेटा घर लौटना चाहता है, लेकिन पासपोर्ट कंपनी के पास होने के कारण वह कुछ नहीं कर पा रहा। इसी गांव के संतोष कुमार की हालत भी बेहद चिंताजनक बताई जा रही है।
मजदूरों की हालत देखकर भारत में रह रहे उनके परिजन बेहद परेशान हैं। खुद आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार किसी तरह पैसे जुटाकर वहां फंसे अपनों को खाने-पीने के लिए भेज रहे हैं। परिजनों का कहना है कि अब उनके बस की बात नहीं रही और सरकार को ही इस मामले में आगे आना होगा।
अंबेडकरनगर के अलावा गोरखपुर, संतकबीरनगर, लखनऊ, लखीमपुर, आजमगढ़ और बस्ती के मजदूर भी इस समूह में शामिल हैं। सभी मजदूरों और उनके परिवारों ने सरकार से मांग की है कि मामले में तुरंत हस्तक्षेप कर सभी भारतीयों को सुरक्षित स्वदेश लाया जाए।
समाजसेवी आबिद हुसैन ने सऊदी अरब में फंसे मजदूरों से फोन पर बात कर उनकी पीड़ा सुनी। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की जानकारी विदेश मंत्रालय और जेद्दा स्थित भारतीय दूतावास को दे दी गई है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द कोई ठोस कदम उठाया जाएगा।






