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बजट के बाद संभला बाजार… सोना और चांदी फिसला, जानिए गिरावट की वजह

बजट के बाद बाजार ने संभलने की कोशिश की और सेंसेक्स-निफ्टी बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे, जबकि सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई

बिजनेस डेस्क, 2 फरवरी 2026:

बजट पेश होने के बाद आज शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स करीब 200 अंक चढ़कर 81,000 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। वहीं निफ्टी में भी 50 अंकों की बढ़त दर्ज की गई और यह 24,900 के स्तर पर ट्रेड करता रहा। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 21 शेयरों में तेजी रही, जबकि 9 शेयर गिरावट के साथ कारोबार किया। वहीं शेयर बाजार के साथ-साथ सोने और चांदी की कीमतों में भी तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सोना करीब 3400 रुपये तक सस्ता हो गया, जबकि चांदी में करीब16 हजार रुपये तक की गिरावट दर्ज की गई।

शेयर बाजार में इन सेक्टरों में मिला-जुला रुख

आज के कारोबार में निफ्टी के ऑटो, आईटी और एफएमसीजी सेक्टर में बिकवाली देखने को मिली। इसके उलट मेटल और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में खरीदारी का रुख रहा। बाजार में निवेशकों की धारणा संभलती हुई दिखाई दी, हालांकि सेक्टर आधारित उतार-चढ़ाव बना रहा।

सोना-चांदी में आई भारी गिरावट

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (एमसीएक्स) पर आज सोने का भाव 3,415 रुपये की गिरावट के साथ 1,38,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। इसमें 2.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। वहीं चांदी 15,939 रुपये सस्ती होकर 2.49 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई, जिसमें करीब 6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। कीमतों में अस्थिरता का दौर अभी भी जारी है।

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अंतरराष्ट्रीय बाजार से भी दबाव

आज की शुरुआती ट्रेडिंग में अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। स्पॉट गोल्ड करीब 4 प्रतिशत तक फिसला, जबकि चांदी में भी इसी के आसपास गिरावट दर्ज की गई। हालांकि 12 प्रतिशत तक टूटने के बाद चांदी 80 डॉलर प्रति औंस के स्तर से ऊपर टिक गई। इससे पहले सत्र में चांदी ने बीते 10 वर्षों की सबसे बड़ी इंट्राडे गिरावट दर्ज की थी।

बीते कल बाजार में क्यों आई थी गिरावट?

इससे पहले 1 फरवरी को बजट पेश होने के बाद बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली थी। सेंसेक्स 1,546 अंक यानी करीब 2 प्रतिशत टूटकर 80,722 के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी 495 अंक गिरकर 24,825 के स्तर पर बंद हुआ। सरकार ने फ्यूचर्स ट्रेडिंग पर लगने वाले सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स को 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत कर दिया। इसके साथ ही ऑप्शंस प्रीमियम और एक्सरसाइज पर लगने वाला एसटीटी भी बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत किया गया, जिसके चलते बाजार पर दबाव देखने को मिला।

सोने-चांदी में गिरावट की वजह क्या मानी जा रही है?

बीते एक साल में सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थीं। जनवरी महीने में यह तेजी और तेज हो गई थी, जब वैश्विक तनाव, कमजोर होती मुद्राएं और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की स्वतंत्रता को लेकर चिंताओं के बीच निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने और चांदी का रुख किया था। हालिया गिरावट की बड़ी वजह शुक्रवार को आई वह खबर मानी जा रही है, जिसमें कहा गया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फेड चेयर के तौर पर केविन वार्श को नामित करने की योजना बना रहे हैं। इस खबर के बाद डॉलर मजबूत हुआ और नरम डॉलर की उम्मीद लगाए बैठे ट्रेडर्स की धारणा कमजोर पड़ी।

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