योगेंद्र मलिक
देहरादून, 2 फरवरी 2026:
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रमिकों के कौशल विकास को मजबूत करने के उद्देश्य से श्रमिक प्रशिक्षण प्रबंधन प्रणाली (Training Management System) यानी TMS पोर्टल का आज शुभारंभ किया। यह पोर्टल उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (UKBOCW), श्रम विभाग द्वारा विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य पंजीकृत श्रमिकों और उनके आश्रित परिवारजनों के लिए प्रशिक्षण व्यवस्था को पूरी तरह ऑनलाइन, पारदर्शी और प्रभावी बनाना है।
ऑनलाइन सिस्टम से आएगी पारदर्शिता
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए यह पोर्टल एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद श्रमिकों के समग्र विकास से जुड़ी अन्य जरूरतों पर भी प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, ताकि प्रशिक्षण केवल प्रमाण पत्र तक सीमित न रहे, बल्कि रोजगार से भी जुड़ सके।

रोजगार से जुड़ेगा प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री धामी ने राज्य के उद्यमियों से नियमित रूप से कौशल संबंधी आवश्यकताओं पर फीडबैक लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे प्रशिक्षण कार्यक्रमों को रोजगार से बेहतर तरीके से जोड़ा जा सकेगा। साथ ही क्षेत्रीय जरूरतों के अनुसार प्लंबर, कारपेंटर, इलेक्ट्रीशियन जैसे व्यवसायों में प्रशिक्षण पर विशेष जोर देने को कहा, ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ें और क्षेत्रीय संतुलन बना रहे।
फॉरवर्ड लिंकेज और डीबीटी पर जोर
मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण के बाद रोजगार से जोड़ने की व्यवस्था यानी फॉरवर्ड लिंकेज को मजबूत करने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने श्रम विभाग द्वारा संचालित डीबीटी योजनाओं की सराहना की और UKBOCW को अपनी आय बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास करने को भी कहा, ताकि श्रमिकों को अधिक सुविधाएं दी जा सकें।
पूरी तरह डिजिटल चयन और मूल्यांकन
श्रम विभाग के सचिव डॉ. श्रीधर बाबू अद्दंकी ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार सभी योजनाओं को अधिक पारदर्शी और परिणाम आधारित बनाया जा रहा है। इस अवसर पर श्रमायुक्त पी.सी. दुमका ने पोर्टल की कार्यप्रणाली की जानकारी देते हुए बताया कि TMS के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदाता, मूल्यांकनकर्ता, प्रशिक्षण केंद्र और प्रशिक्षक का चयन भारत सरकार द्वारा इम्पैनल्ड संस्थाओं और प्रमाणित व्यक्तियों से पूरी तरह ऑनलाइन प्रक्रिया से किया जाएगा। प्रशिक्षण में उपस्थिति और मूल्यांकन भी डिजिटल माध्यम से ही होगा।
पोर्टल से मिलेंगे ये बड़े लाभ
इस पोर्टल के माध्यम से प्रशिक्षण कार्यक्रमों में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित होगी, डुप्लीकेसी पर रोक लगेगी और प्रशिक्षण की गुणवत्ता में निरंतर सुधार होगा। साथ ही प्रशिक्षित श्रमिकों का एक केंद्रीकृत डाटाबेस तैयार होगा, जिससे प्रशिक्षण प्रदाताओं और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय हो सकेगी। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।






