खेल डेस्क, 7 फरवरी 2026:
भारत ने अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 जीतकर इतिहास रच दिया है। शुक्रवार को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने इंग्लैंड को 100 रन से हराकर छठी बार यह खिताब अपने नाम किया। भारत ने चार साल बाद यह टूर्नामेंट जीता है। इससे पहले टीम ने 2022 में खिताब जीता था, जबकि 2024 के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से हार का सामना करना पड़ा था।
लगातार चौथा ICC टूर्नामेंट भारत के नाम
इस जीत के साथ भारत ने लगातार चौथा ICC टूर्नामेंट जीतने का कारनामा किया है। भारतीय टीम ने पिछले साल विमेंस वनडे वर्ल्ड कप और चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी, जबकि 2024 में टी-20 वर्ल्ड कप का खिताब भी भारत ने अपने नाम किया था। अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारत सबसे सफल टीम है, जिसने अब तक 6 बार यह ट्रॉफी जीती है। ऑस्ट्रेलिया 4 बार, पाकिस्तान 2 बार, जबकि बांग्लादेश, साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड और वेस्टइंडीज एक-एक बार चैंपियन बने हैं।
वैभव की ऐतिहासिक पारी
फाइनल मुकाबले में भारत की जीत के सबसे बड़े हीरो 14 साल के वैभव सूर्यवंशी रहे। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत खराब रही और 20 रन के स्कोर पर आरोन जॉर्ज आउट हो गए। इसके बाद वैभव सूर्यवंशी और कप्तान आयुष म्हात्रे ने पारी को संभाला। वैभव ने सिर्फ 80 गेंदों में 175 रन की तूफानी पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 15 चौके और 15 छक्के लगाए। उनकी स्ट्राइक रेट 218.75 रही और 150 रन बाउंड्री से बने। आयुष म्हात्रे ने 53 रन की अहम पारी खेली। भारत ने 50 ओवर में 9 विकेट पर 411 रन बनाए।

गेंदबाजों ने दिलाई बड़ी जीत
412 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम 40.2 ओवर में 311 रन पर ऑलआउट हो गई। भारत की ओर से आरएस अंबरीश ने 3 विकेट झटके। दीपेश देवेंद्रन और कनिष्क चौहान को 2-2 विकेट मिले। इंग्लैंड के कालेब फॉल्कनर ने 67 गेंदों में 115 रन बनाए, जबकि ओपनर बेन डॉकिन्स ने 56 गेंदों में 66 रन की पारी खेली, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके।
वैभव रहे पूरे टूर्नामेंट के हीरो
पूरे टूर्नामेंट में वैभव सूर्यवंशी ने 7 मैचों में 74 की औसत से 444 रन बनाए। इसमें एक शतक और तीन अर्धशतक शामिल रहे। ऑरोन जॉर्ज ने सेमीफाइनल में अफगानिस्तान के खिलाफ 115 रन की शतकीय पारी खेली थी, उस मुकाबले में भारत ने रिकॉर्ड 311 रन का लक्ष्य हासिल किया था। ऑरोन जॉर्ज ने 5 मैचों में 170 रन बनाए। कप्तान आयुष म्हात्रे ने 7 मैचों में 214 रन बनाने के साथ 7 विकेट भी लिए।
गेंदबाजी में हेनिल और अंबरीश का जलवा
गेंदबाजी में हेनिल पटेल और आरएस अंबरीश भारत के टॉप विकेट टेकर रहे। हेनिल पटेल ने पहले ही मैच में USA के खिलाफ 5 विकेट लिए और पूरे टूर्नामेंट में 7 मैचों में 11 विकेट झटके। उनकी इकोनॉमी 4.44 रही। आरएस अंबरीश ने भी 11 विकेट लिए और फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 3 विकेट चटकाए, जिसमें शतक लगाने वाले कालेब फॉल्कनर का विकेट भी शामिल था। उन्होंने 4.93 की इकोनॉमी से गेंदबाजी की। इंग्लैंड के बेन मेयर्स टूर्नामेंट के टॉप स्कोरर रहे, जबकि मैनी लुम्सडेन ने सबसे ज्यादा 16 विकेट लिए।






