लखनऊ/रामपुर, 7 फरवरी 2026:
सरकारी योजनाओं के साथ जब संवेदनशील प्रशासनिक इच्छाशक्ति जुड़ जाती है तो वे जरूरतमंदों के जीवन में नई रोशनी भर देती हैं। सीएम योगी के गरीब-कल्याण केंद्रित विजन को जमीन पर उतारते हुए रामपुर जिला प्रशासन ने जनता दर्शन में ऐसी अनूठी पहल शुरू की है जो अन्य जिलों के लिए एक मिसाल बनकर उभरी है।
रामपुर अब ऐसा जिला बन गया है जहां जनता दर्शन केवल शिकायतें सुनने का मंच नहीं बल्कि पीड़ितों के लिए जीवनदायिनी राहत का केंद्र बन चुका है। सुबह 10 से 12 बजे तक कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित जनता दर्शन में गंभीर बीमारियों से जूझ रहे और गरीबी के बोझ तले दबे लोगों को सुना जाता है। मौके पर ही समाधान भी दिया जाता है। डीएम अजय द्विवेदी के नेतृत्व में शुरू की गई इस अभिनव व्यवस्था के तहत जनता दर्शन में जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक फरियादियों की स्वास्थ्य जांच करते हैं। इसके बाद जिलापूर्ति अधिकारी द्वारा दस्तावेजों की जांच कर पात्रता सुनिश्चित की जाती है।
पात्र पाए जाने पर महज 7 दिनों के भीतर अंत्योदय राशन कार्ड और आयुष्मान कार्ड उपलब्ध कराया जा रहा है। कई मामलों में यह प्रक्रिया 3 से 4 दिनों में ही पूरी हो जाती है। यही कारण है कि इलाज के अभाव में निराश होकर आने वाले लोग आयुष्मान कार्ड हाथ में लेकर मुस्कुराते हुए लौट रहे हैं। किसी को कैंसर, किसी को किडनी या गंभीर हृदय रोग का इलाज चाहिए था। प्रशासन ने न सिर्फ इलाज का रास्ता खोला बल्कि राशन, आवास और अन्य सरकारी योजनाओं से भी जोड़ा।
डीएम के मुताबिक वर्ष 2011 की सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना (SECC) सूची में नाम न होने के कारण जो परिवार योजनाओं से वंचित रह गए थे, उनकी नियमानुसार जांच कर तत्काल अंत्योदय कार्ड जारी किए जा रहे हैं। उद्देश्य यह है कि सरकारी योजनाएं आंकड़ों तक सीमित न रहें, बल्कि हर जरूरतमंद तक पहुंचें। पिछले तीन महीनों में 90 पात्र लोगों के अंत्योदय और 147 आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। जनता दर्शन में डॉक्टरों की मौजूदगी से कई मामलों में उसी दिन आयुष्मान कार्ड बनवाकर मरीज को अस्पताल में भर्ती भी कराया गया।
लाभार्थियों का कहना है कि यह किसी वरदान से कम नहीं। मोहम्मद चमन, रेशमा परवीन और महेंद्र सिंह जैसे लोगों का कहना है कि योगी सरकार और रामपुर प्रशासन ने समय पर मदद कर उनका विश्वास मजबूत किया है। रामपुर में यह पहल साबित कर रही है कि प्रशासन चाहे तो बदलाव संभव है और यही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन की सच्ची तस्वीर है।






