देहरादून, 9 फरवरी 2026:
देहरादून परेड ग्राउंड में आयोजित उत्तरायणी कौथिक महोत्सव के रंगारंग समापन समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिरकत की। सीएम ने उत्तराखंड की लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का संदेश दिया। सेवा संकल्प फाउंडेशन के चार दिवसीय इस महोत्सव में आयोजन की कमान सीएम की पत्नी गीता पुष्कर धामी ने संभाल रखी थी।
मुख्यमंत्री ने आयोजन के लिए फाउंडेशन की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन उत्तराखंड की लोक आत्मा को जिंदा रखते हैं और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का काम करते हैं। जागर, बेड़ा, मांगल, खुदेड़ जैसे लोकगीत और छोलिया, पांडव, झोड़ा-छपेली जैसे नृत्य राज्य की पहचान हैं, जिन्हें संजोना हम सबकी जिम्मेदारी है। सीएम ने कहा कि मेले में लोक कलाओं, पारंपरिक वेशभूषा, हस्तशिल्प और कारीगरी को जिस खूबसूरती से पेश किया गया, वह काबिल-ए-तारीफ है। उन्होंने ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘मेक इन इंडिया’ की सोच के साथ राज्य सरकार की योजनाओं का जिक्र किया।

गीता धामी ने कहा कि इस महोत्सव का मकसद राज्य की संस्कृति, स्थानीय उत्पाद और पहाड़ी जीवनशैली को एक मंच पर लाना है। युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ना आज की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने लोगों से स्थानीय उत्पाद अपनाकर आत्मनिर्भर उत्तराखंड बनाने की अपील की। इस मौके पर कलाकारों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, गीतकार प्रसून जोशी, कल्पना सैनी, कई विधायक और डीजीपी दीपम सेठ आदि लोग मौजूद रहे।






