कानपुर, 12 फरवरी 2026:
यूपी के कानपुर के ग्वालटोली इलाके में हुए हाई प्रोफाइल लैंबॉर्गिनी हादसे ने शहर को हिला कर रख दिया है। करोड़ों रुपये की लग्जरी कार से पैदल चलने वालों और गाड़ियों को कुचलने के मामले में पुलिस ने चार दिन की सघन तलाश के बाद मुख्य आरोपी शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी बड़े तंबाकू कारोबारी का बेटा है। वह हादसे के बाद से फरार था। पुलिस के मुताबिक कोर्ट में सरेंडर करने से पहले ही उसे दबोच लिया गया।
मालूम हो कि पिछले दिनों कानपुर शहर में दिनदहाड़े लैंबॉर्गिनी रेवुएल्टो बेकाबू होकर व्यस्त सड़क पर दौड़ पड़ी। हादसे में कई लोग घायल हो गए। उनमें 18 वर्षीय ई-रिक्शा चालक मोहम्मद तौफीक भी शामिल है। उसने ही हादसे में केस दर्ज कराया। तौफीक को गंभीर हालत में उर्सला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल के मुताबिक 35 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। जल्द ही कोर्ट में पेश किया जाएगा। मामले की जांच तेजी से की जा रही है।

हादसे के बाद मामला तब और पेचीदा हो गया जब मोहन नामक व्यक्ति सामने आया और खुद को कार का ड्राइवर बताने लगा। उसने दावा किया कि एक्सीडेंट के वक्त शिवम मिश्रा कार में मौजूद नहीं था। हालांकि पुलिस ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया। डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक सीसीटीवी फुटेज, चश्मदीदों के बयान और तकनीकी साक्ष्यों से यह साफ हो गया है कि हादसे के समय कार शिवम मिश्रा ही चला रहा था।
जांच में यह भी सामने आया कि कुछ सुरक्षा कर्मियों ने कार मालिक की पहचान छिपाने की कोशिश की और नंबर प्लेट तोड़ने का प्रयास किया। सूचना मिलते ही ग्वालटोली पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल भेजा। लग्जरी कार को थाने ले गई। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पांच टीमें गठित की थीं और आखिरकार कानपुर में ही उसे पकड़ लिया गया।







