लखनऊ, 12 फरवरी 2026:
उत्तर प्रदेश का बजट 2026-27 पेश होने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक कदम चर्चा में आ गया। मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट की कवर इमेज बदलकर ब्रह्मोस मिसाइल से जुड़ी तस्वीर लगाई। इसे नए उत्तर प्रदेश की सोच और सामरिक आत्मविश्वास के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
सरकार की ओर से पेश किया गया 9.12 लाख करोड़ रुपये का बजट अब तक का सबसे बड़ा बजट बताया जा रहा है। इसमें सड़कों, एक्सप्रेस-वे, एयरपोर्ट, ऊर्जा, खेती और सामाजिक योजनाओं के साथ रक्षा उत्पादन पर भी खास जोर दिखा। बजट के तुरंत बाद ब्रह्मोस की तस्वीर सामने आना महज इत्तेफाक नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे साफ संदेश के तौर पर देखा जा रहा है कि उत्तर प्रदेश अब आर्थिक ताकत के साथ रणनीतिक मजबूती की राह पर भी बढ़ रहा है।
लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण यूनिट को यूपी डिफेंस कॉरिडोर की बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश किया जा रहा है। इस परियोजना से सीधे और परोक्ष रूप से रोजगार के हजारों मौके बनने की उम्मीद है। इससे जुड़े छोटे और मझोले उद्योगों को भी रफ्तार मिलने की बात कही जा रही है। ब्रह्मोस दुनिया की तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में गिनी जाती है और इसका निर्माण उत्तर प्रदेश में होना राज्य की औद्योगिक छवि को नया आयाम देता है।
सरकार लंबे समय से ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी का लक्ष्य दोहराती रही है। अब बजट और रक्षा उद्योग को साथ रखकर विकास, सुरक्षा और निवेश का नया मॉडल सामने रखा जा रहा है। एक तरफ एक्सप्रेस-वे, लॉजिस्टिक पार्क और डेटा सेंटर जैसे बड़े प्रोजेक्ट हैं, दूसरी तरफ डिफेंस कॉरिडोर और सामरिक निवेश। इसके साथ ही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के जरिए पूंजी लाने की कोशिश भी जारी है।
उत्तर प्रदेश सिर्फ आबादी और खेती तक सीमित राज्य नहीं रहना चाहता, बल्कि रक्षा निर्माण में भी अपनी मजबूत पहचान बनाना चाहता है। इसे विकास और सुरक्षा को साथ लेकर चलने की रणनीति माना जा रहा है।
डिफेंस कॉरिडोर के तहत लखनऊ, कानपुर, झांसी, आगरा, चित्रकूट और अलीगढ़ को जोड़ा गया है। बड़े रक्षा उत्पादकों के साथ स्थानीय उद्योगों को भी इस ढांचे में शामिल करने की कोशिश हो रही है। अगर योजनाएं तय समय पर आगे बढ़ीं तो आने वाले सालों में उत्तर प्रदेश रक्षा उत्पादन के बड़े केंद्र के रूप में उभर सकता है।






