योगेंद्र मलिक
देहरादून, 12 फरवरी 2026:
प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साफ कहा कि कानून व्यवस्था से किसी तरह का समझौता नहीं होगा। देहरादून स्थित मुख्यमंत्री आवास पर हुई उच्च स्तरीय बैठक में उन्होंने डीजीपी और अन्य अफसरों को अपराध पर तुरंत और कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी तरह की वारदात पर तुरंत मुकदमा दर्ज हो और जांच में ढिलाई न हो। अपराधियों के खिलाफ सख्त और असरदार कार्रवाई होनी चाहिए ताकि कानून का डर कायम रहे और आम लोग खुद को महफूज महसूस करें। मुख्यमंत्री ने आदतन और संगठित अपराध में शामिल लोगों की पहचान कर उन पर कड़ी निगरानी रखने को कहा। ऐसे तत्वों के खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए गए। उनका कहना था कि समाज में कानून का राज दिखना चाहिए, सिर्फ कागजों में नहीं।
बैठक में पुलिस को ज्यादा एक्टिव और जवाबदेह बनने को कहा गया। थानों और चौकियों की व्यवस्था मजबूत करने, संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाने और निगरानी तेज करने के निर्देश दिए गए। शहरी क्षेत्रों में ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए विशेष अभियान चलाने को भी कहा गया। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि कानून हाथ में लेने वालों और शांति भंग करने की कोशिश करने वालों को किसी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री ने अफसरों से कहा कि कार्रवाई का असर जमीन पर नजर आना चाहिए। जनता को सुरक्षा का एहसास होना जरूरी है। सरकार अपराध मुक्त उत्तराखंड के लक्ष्य के साथ काम कर रही है और शांति, सुरक्षा व सुशासन उसकी प्राथमिकता है। उन्होंने कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की नियमित समीक्षा करने और हर स्तर पर जवाबदेही तय करने के निर्देश भी दिए। बैठक में मुख्य सचिव, डीजीपी, सचिव गृह, एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर, गढ़वाल कमिश्नर सहित पुलिस और शासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।






