Uttar Pradesh

250 करोड़ की सौगात से बदलेगी अयोध्या की तस्वीर, राम मंदिर के साथ 8 ऐतिहासिक व आस्था के केंद्र भी चमकेंगे

बेतिया मंदिर, डेराबीबी, भगवान शंकर मंदिर परिसर, श्री अंजनेश्वर महादेव धाम, महर्षि वाल्मीकि आश्रम, आंबेडकर पार्क, आस्तीकन गहनाग बाबा स्थल और भरत जी तपोस्थली का होगा सौंदर्यीकरण

अयोध्या, 15 फरवरी 2026:

अयोध्या की धार्मिक पहचान अब और व्यापक रूप लेने जा रही है। यूपी सरकार ने बजट 2026 में रामनगरी को एक बार फिर 250 करोड़ रुपये की बड़ी सौगात दी है। इस राशि से अयोध्या के प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास के साथ अब तक कम चर्चित रहे आठ ऐतिहासिक और आस्था के केंद्र भी पर्यटन मानचित्र पर उभरेंगे। सरकार की यह पहल श्रद्धालुओं के अनुभव को समृद्ध करने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति देने की दिशा में अहम मानी जा रही है।

इस बजट प्रावधान में से 150 करोड़ रुपये श्री अयोध्या जी तीर्थ क्षेत्र विकास परिषद को दिए जाएंगे। परिषद ने जिले के आठ प्रमुख धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण और पर्यटन विकास की डीपीआर शासन को भेज दी है। योजना के तहत बेतिया मंदिर, मीरापुर और डेराबीबी (अयोध्या धाम) में दो-दो करोड़ रुपये से विकास कार्य होंगे। मणिपर्वत के लिए तीन करोड़ रुपये, दशरथ समाधि स्थल के समीप भगवान शंकर मंदिर परिसर, श्री अंजनेश्वर महादेव धाम (तमसा नदी तट), महर्षि वाल्मीकि आश्रम (आलापुर), आंबेडकर पार्क (कुढ़ासादात), मिल्कीपुर स्थित आस्तीकन गहनाग बाबा स्थल और नगर पंचायत भदरसा में भरत जी की तपोस्थली के सौंदर्यीकरण के लिए एक से दो करोड़ रुपये तक की योजनाएं प्रस्तावित हैं।

राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। बढ़ती भीड़ को देखते हुए सरकार अब केवल मुख्य तीर्थ तक सीमित नहीं रहना चाहती बल्कि आसपास के धार्मिक स्थलों को भी विकसित कर पर्यटकों के ठहराव समय को बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है। परिषद के सीईओ जयेंद्र कुमार के अनुसार, परियोजनाओं को जल्द जमीन पर उतारने की तैयारी है ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. आशुतोष सिन्हा का मानना है कि यह निवेश धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ रोजगार, होटल व्यवसाय, परिवहन और हस्तशिल्प जैसे स्थानीय उद्योगों को भी मजबूती देगा। सीएम योगी के नेतृत्व में लिया गया यह कदम अयोध्या को आस्था के साथ-साथ उत्तर भारत के प्रमुख पर्यटन और आर्थिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में दूरदर्शी पहल साबित हो सकता है।

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