सीतापुर, 17 फरवरी 2026:
मनरेगा और शंकराचार्य से जुड़े मुद्दों पर भाजपा सरकार के खिलाफ लखनऊ में प्रस्तावित विधानसभा घेराव से पहले प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए सीतापुर जनपद में कांग्रेस के कई नेताओं को नजरबंद कर दिया। इस कार्रवाई को लेकर मंगलवार सुबह से ही पुलिस की हलचल बढ़ी रही और नेताओं के घरों पर पहरा बैठा दिया गया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के आह्वान पर कार्यकर्ता प्रदर्शन के लिए निकलने वाले थे लेकिन इससे पहले ही सीतापुर से कांग्रेस सांसद राकेश राठौर को उनके आवास पर हाउस अरेस्ट कर लिया गया। सांसद आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा और किसी भी तरह की आवाजाही पर रोक लगा दी गई। इसी क्रम में सेवता क्षेत्र में कांग्रेस नेता रिजवान, पूर्व जिलाध्यक्ष उत्कर्ष अवस्थी और नगर अध्यक्ष शिशिर बाजपेई को भी उनके अपने घरों में नजरबंद रखा गया। कई अन्य कार्यकर्ताओं के घरों के बाहर भी पुलिस तैनात रही।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि वे शांतिपूर्ण ढंग से उत्तर प्रदेश विधानसभा घेरने जा रहे थे ताकि मनरेगा को समाप्त करने और शंकराचार्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार जवाब दे। नजरबंद किए जाने पर कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन की कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। हाउस अरेस्ट के दौरान सांसद राकेश राठौर ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी सरकार जनता की आवाज दबाने के लिए प्रदर्शन से पहले ही नेताओं और कार्यकर्ताओं को घरों में बंद कर दिया।
उधर, प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती कदम उठाए गए हैं। सियासी हलकों में इसे लोकतंत्र बनाम कानून-व्यवस्था की नई बहस के रूप में देखा जा रहा है। कांग्रेस ने साफ किया है कि सरकार की दमनकारी नीति के खिलाफ उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।






