लखनऊ, 19 फरवरी 2026:
यूपी विधान परिषद में वाराणसी की गंगा नदी पर संचालित सरकारी और निजी क्रूजों को लेकर जोरदार सियासी बहस देखने को मिली। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने गुरुवार को विपक्ष के सवालों का विस्तार से जवाब देते हुए कहा कि राज्य सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ काम कर रही है। तथ्यों की अनदेखी कर सवाल उठाना उचित नहीं है।
सपा के विधान परिषद सदस्य आशुतोष सिन्हा ने सदन में मांग की कि वाराणसी में गंगा नदी पर चल रहे सरकारी व निजी क्रूजों की संख्या, उनके संचालन के मानक और संबंधित विवरण सदन के पटल पर रखे जाएं। इसके जवाब में मंत्री ने बताया कि वाराणसी में वर्तमान में पांच सरकारी और दो निजी क्रूज संचालित हो रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इनके संचालन के मानक भारतीय अन्तर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश अन्तर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण द्वारा तय किए गए हैं। उनका पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित कराया जा रहा है।
मंत्री ने यह भी कहा कि सभी आवश्यक विवरण उपलब्ध हैं। उन्हें साझा करने में सरकार को कोई आपत्ति नहीं है।
चर्चा के दौरान आशुतोष सिन्हा ने उत्तर प्रदेश अन्तर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण की प्रगति पर भी सवाल उठाया। इस पर मंत्री ने बताया कि 6 दिसंबर 2023 को अधिसूचना जारी कर संबंधित विधेयक पारित किया गया था। इसमें परिवहन विभाग को नोडल बनाया गया। इसके बाद 6 दिसंबर 2024 से अग्रिम कार्यवाही शुरू कर दी गई। मंत्री की टिप्पणी… ‘अगर आशुतोष जी थोड़ा पढ़ लेते तो यह सवाल न करते’ पर सदन में राजनीतिक तापमान बढ़ गया।
मंत्री ने विपक्ष को घेरते हुए पर्यटन के आंकड़े भी पेश किए। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले वाराणसी में करीब 5.44 लाख भारतीय और 3.34 लाख विदेशी पर्यटक आए थे। वर्तमान में यह संख्या बढ़कर 17.27 करोड़ से अधिक हो चुकी है। उन्होंने इस उछाल का श्रेय पीएम मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व को दिया। मंत्री के अनुसार उनके मार्गदर्शन में वाराणसी समेत प्रदेश के आध्यात्मिक और धार्मिक नगर पर्यटन के नए आयाम गढ़ रहे हैं।






