Lucknow City

डाक टिकटों में दर्ज जनगणना की कहानी : लखनऊ में अनोखी प्रदर्शनी, नए अंदाज में बोलेगा इतिहास

महानगर स्थित राजकीय अभिलेखागार में 24 से 28 फरवरी तक लगेगी 'गिनती में आओ' प्रदर्शनी, इसके माध्यम से भारत में जनगणना के इतिहास को नए नजरिये से जा सकता है समझा

लखनऊ, 23 फरवरी 2026:

यूपी की राजधानी लखनऊ में इतिहास और डाक टिकटों के अनोखे मेल की झलक देखने को मिलेगी। उत्तर प्रदेश राजकीय अभिलेखागार की ओर से 24 से 28 फरवरी तक एक विशेष प्रदर्शनी आयोजित की जा रही है। इसका विषय ‘गिनती में आओ : भारत में जनगणना का डाक इतिहास’ है। इस प्रदर्शनी का उद्देश्य छात्रों, शोधार्थियों और आम लोगों को ऐसे दुर्लभ अभिलेखों से जोड़ना है जिनके जरिए भारत में जनगणना के इतिहास को नए नजरिये से समझा जा सके।

प्रदर्शनी का उद्घाटन 24 फरवरी को दोपहर 12:30 बजे किया जाएगा। उद्घाटन अवसर पर जनगणना संचालन एवं नागरिक पंजीकरण की निदेशक शीतल वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी। यह प्रदर्शनी लखनऊ के महानगर विस्तार स्थित शहीद स्मारक भवन में लगाई जाएगी और प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक आम लोगों के लिए खुली रहेगी।

WhatsApp Image 2026-02-23 at 4.54.35 PM

इस प्रदर्शनी की खासियत यह है कि यहां डाक टिकटों, पोस्टमार्क, पुराने पत्रों और सरकारी डाक रिकॉर्ड के माध्यम से जनगणना की यात्रा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया है। आमतौर पर जनगणना को केवल आंकड़ों और फार्मों से जोड़कर देखा जाता है लेकिन प्रदर्शनी यह दिखाती है कि आजादी के बाद जनगणना से जुड़ी सूचनाओं के प्रसार, कर्मचारियों के प्रशिक्षण और सरकारी संवाद में डाक विभाग की भूमिका कितनी अहम रही है।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह के अनुसार जनगणना केवल संख्या गिनने की प्रक्रिया नहीं बल्कि देश के विकास की बुनियाद है। डाक टिकटों और अभिलेखों के जरिए इसके इतिहास को समझना नई पीढ़ी के लिए एक अनोखा अनुभव होगा। प्रदर्शनी का संयोजन अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग के प्रोफेसर डॉ. विकास कुमार ने किया है। यह पहल शोधकर्ताओं के लिए उपयोगी होने के साथ अभिलेखीय स्रोतों के जरिए आधुनिक भारत को समझने के नए रास्ते भी खोलेगी।

WhatsApp Image 2026-02-23 at 4.54.35 PM (1)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button