बिजनेस डेस्क, 27 फरवरी 2026:
घरेलू शेयर बाजार ने शुक्रवार को कमजोर शुरुआत की। वैश्विक बाजारों से मिले नकारात्मक संकेत और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के दबाव में शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान पर कारोबार करते नजर आए। बाजार खुलते ही निवेशकों का रुख सतर्क दिखा और प्रमुख सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई।
शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 364.62 अंक टूटकर 81,883.99 पर आ गया। वहीं एनएसई निफ्टी 117.15 अंक गिरकर 25,379.40 के स्तर पर पहुंच गया। रुपये में भी कमजोरी दिखी और यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 4 पैसे गिरकर 90.95 पर कारोबार करता नजर आया।
किन शेयरों पर रहा दबाव
सेंसेक्स की कंपनियों में मारुति, भारती एयरटेल, हिंदुस्तान यूनिलीवर, महिंद्रा एंड महिंद्रा, कोटक महिंद्रा बैंक और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयरों में गिरावट देखी गई। दूसरी ओर आईटी सेक्टर ने कुछ सहारा दिया, जहां इंफोसिस, टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक जैसे शेयरों में बढ़त दर्ज की गई।
एशियाई और अमेरिकी बाजारों का असर
एशियाई बाजारों में भी मिलाजुला रुख रहा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225 और शंघाई का एसएसई कंपोजिट इंडेक्स गिरावट में रहे, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स हल्की मजबूती के साथ कारोबार करता दिखा। अमेरिकी बाजार भी पिछली कारोबारी सत्र में दबाव में बंद हुए थे, जिसका असर भारतीय बाजार पर पड़ा।
अमेरिका-ईरान तनाव से बढ़ी चिंता
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत बेनतीजा रहने से भू-राजनीतिक तनाव बढ़ा है। संभावित टकराव की आशंका ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। ऐसे माहौल में निवेशक फिलहाल चुनिंदा खरीदारी कर रहे हैं।
कच्चे तेल और एफआईआई का असर
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड हल्की गिरावट के साथ 70.70 डॉलर प्रति बैरल पर रहा। बाजार आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों ने गुरुवार को 3,465.99 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 5,031.57 करोड़ रुपये की खरीदारी की। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक संकेत स्पष्ट नहीं होते और विदेशी निवेशकों की बिकवाली थमती नहीं, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।






