अयोध्या, 28 फरवरी 2026:
रामघाट स्थित देवस्थानम श्री रामायणवेला मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव भक्ति और उल्लास के माहौल में संपन्न हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्रभु श्रीराम, माता जानकी और हनुमान जी की विधिवत प्राण प्रतिष्ठा की गई। पूरे मंदिर परिसर में धार्मिक आस्था और उत्साह का माहौल देखने को मिला।
दक्षिण भारत से आए आचार्य वेंकटेश भट्ट स्वामी के आचार्यत्व में पंचरात्रागम परंपरा के अनुसार अनुष्ठान संपन्न कराया गया। नवनिर्मित मंदिर में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम का संयोजन जगदगुरु स्वामी रत्नेश प्रपन्नाचार्य के निर्देशन में हुआ।
महोत्सव में विभिन्न राज्यों से संत, महंत और विद्वान शामिल हुए। प्रमुख रूप से श्रीमद् जगदगुरु विद्याभास्कर स्वामी वासुदेवाचार्य महाराज समेत कई धर्माचार्यों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
इसके अलावा श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

आयोजकों के अनुसार 19 फरवरी से शुरू हुए रामायण मेला और प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के दौरान उत्तर और दक्षिण भारत के विद्वानों ने वैदिक परंपरा के अनुसार विभिन्न अनुष्ठान कराए। नौ दिनों तक यज्ञ, प्रवचन, भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
प्राण प्रतिष्ठा के बाद मंदिर श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिया गया। जय श्रीराम के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा और भक्तों ने दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस किया। संतों ने अपने संबोधन में सनातन परंपरा की एकता और आध्यात्मिक मूल्यों को मजबूत करने पर जोर दिया।






