न्यूज डेस्क, 8 मार्च 2026:
मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध अब और भी भयावह होता जा रहा है। लगातार हो रहे मिसाइल और हवाई हमलों के बीच यह संघर्ष रविवार को नौवें दिन में प्रवेश कर गया। ताजा घटनाक्रम में इजराइल ने ईरान के तेल भंडार और रिफाइनरी से जुड़े कई ठिकानों को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं।
इजराइली मीडिया के अनुसार इन हमलों में ईरान के करीब 30 फ्यूल टैंकों और तीन बड़े तेल डिपो को निशाना बनाया गया। माना जा रहा है कि इन हमलों का उद्देश्य ईरान की ऊर्जा आपूर्ति और सैन्य लॉजिस्टिक्स को कमजोर करना है। वहीं दूसरी ओर ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। ईरान ने पलटवार करते हुए इजराइल के साथ-साथ कुवैत, सऊदी अरब, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में स्थित ठिकानों को निशाना बनाया है।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि उसने अमेरिका और इजराइल से जुड़े 200 से अधिक सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया है। आईआरजीसी के प्रवक्ता अली मोहम्मद ने कहा कि ईरान की सेना और रिवोल्यूशनरी गार्ड लंबे समय तक युद्ध लड़ने में सक्षम हैं। उनका कहना है कि यदि जरूरत पड़ी तो ईरान छह महीने तक लगातार संघर्ष जारी रख सकता है।
इजराइल की सेना ने भी अपने हमलों को लेकर बड़ा दावा किया है। इजराइल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) के अनुसार उसकी वायुसेना ने ईरान के इस्फहान हवाई अड्डे पर हवाई हमले कर कई एफ-14 लड़ाकू विमानों को निशाना बनाया। इन हमलों में ईरान के कुछ लड़ाकू विमानों के साथ-साथ उसके रडार और वायु रक्षा प्रणाली को भी नुकसान पहुंचाया गया है। इजराइल का कहना है कि वह ईरान के सैन्य ढांचे से जुड़े अहम ठिकानों को लगातार निशाना बनाता रहेगा ताकि क्षेत्र में अपनी हवाई बढ़त मजबूत रख सके।
इससे एक दिन पहले भी इजराइल ने दावा किया था कि तेहरान के हवाई अड्डे पर हमले में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के 16 विमान नष्ट कर दिए गए। इधर, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि लगातार हमलों के दबाव में ईरान अपने पड़ोसी देशों के सामने झुक गया है। ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा कि ईरान ने पड़ोसी देशों से माफी मांगते हुए उन पर आगे हमला न करने का वादा किया है। ट्रम्प के मुताबिक ईरान अब मिडिल ईस्ट का दबंग नहीं रहा बल्कि वह तब तक कमजोर बना रहेगा जब तक वह पूरी तरह सरेंडर न कर दे।
हालांकि ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने स्पष्ट किया है कि ईरान तब तक पड़ोसी देशों पर हमला नहीं करेगा, जब तक उनकी जमीन से ईरान के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाती। ऐसे में पूरे पश्चिम एशिया में तनाव अभी भी चरम पर बना हुआ है।






