स्पोर्टस डेस्क, 9 मार्च 2026:
भारतीय क्रिकेट टीम ने टी20 विश्व कप 2026 जीतकर एक बार फिर विश्व क्रिकेट में अपनी ताकत दिखाई है। इस खिताब के साथ मुख्य कोच गौतम गंभीर का कार्यकाल भी सुर्खियों में आ गया है। लगातार सवालों और आलोचनाओं के बीच गंभीर के नेतृत्व में टीम इंडिया ने एक साल के भीतर दूसरा ICC खिताब जीतकर आलोचकों को जवाब दिया है।
सवालों के बीच कोच गंभीर का सफल कार्यका
टी20 विश्व कप 2024 के बाद राहुल द्रविड़ का कार्यकाल खत्म होने पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने गौतम गंभीर को टीम का मुख्य कोच बनाया था। आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स के साथ मेंटर के तौर पर उनकी सफलता पहले ही चर्चा में थी, लेकिन राष्ट्रीय टीम की जिम्मेदारी मिलने के बाद उनके कई फैसलों पर सवाल उठे।
गंभीर ने पद संभालते ही टीम में कुछ अहम बदलाव किए। रोहित शर्मा और विराट कोहली के टी20 अंतरराष्ट्रीय से संन्यास के बाद टीम नए दौर में प्रवेश कर रही थी। उस समय कप्तानी हार्दिक पांड्या को मिलने की उम्मीद थी, लेकिन टीम की कमान सूर्यकुमार यादव को दी गई। यह फैसला चौंकाने वाला जरूर था, मगर बाद में यही संयोजन टीम के लिए सफल साबित हुआ।

गंभीर और सूर्यकुमार की जोड़ी ने सीमित ओवरों के क्रिकेट में शानदार नतीजे दिए। भारत ने पहले 2025 एशिया कप जीता और अब घरेलू जमीन पर टी20 विश्व कप का खिताब भी अपने नाम किया। इस तरह गंभीर के कार्यकाल में भारत दो आईसीसी ट्रॉफी और एक एशिया कप जीत चुका है।
टेस्ट में चुनौतियां, सीमित ओवर में शानदार प्रदर्शन
गंभीर के कोच रहते भारतीय टीम का प्रदर्शन टेस्ट क्रिकेट में उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड से 0-3 की हार और ऑस्ट्रेलिया दौरे पर बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी गंवाने के बाद टीम आलोचना के घेरे में रही। इसके चलते भारत विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में भी जगह नहीं बना सका।
हालांकि सीमित ओवरों के क्रिकेट में टीम ने लगातार बेहतर प्रदर्शन किया। एशिया कप और टी20 विश्व कप जीतने से टीम का मनोबल भी मजबूत हुआ है। अब टीम की नजर अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप पर टिकी है। दिलचस्प बात यह है कि गौतम गंभीर खिलाड़ी के तौर पर 2007 टी20 विश्व कप और 2011 वनडे विश्व कप जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे थे। अब कोच के रूप में भी वह दो आईसीसी ट्रॉफी जीत चुके हैं।
टी20 विश्व कप में चार बार भारतीय बने प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट
टी20 विश्व कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का पुरस्कार उस खिलाड़ी को दिया जाता है जिसने पूरे टूर्नामेंट में सबसे प्रभावशाली प्रदर्शन किया हो। इस मामले में भारतीय खिलाड़ी आगे रहे हैं। अब तक चार बार यह सम्मान भारत के खिलाड़ियों को मिला है। 2014 और 2016 में विराट कोहली ने शानदार बल्लेबाजी के दम पर यह पुरस्कार जीता था। कोहली टी20 विश्व कप इतिहास के इकलौते खिलाड़ी हैं जिन्हें यह सम्मान दो बार मिला।
इसके बाद 2024 में जसप्रीत बुमराह ने घातक गेंदबाजी के दम पर प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब हासिल किया। वहीं टी20 विश्व कप 2026 में संजू सैमसन ने पूरे टूर्नामेंट में लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए यह सम्मान अपने नाम किया।
फाइनल में बुमराह बने जीत के नायक
टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल में जसप्रीत बुमराह भारत के सबसे प्रभावी गेंदबाज साबित हुए। उन्होंने चार विकेट लेकर न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी को झकझोर दिया और भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई। इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द फाइनल चुना गया।






