लखनऊ, 10 मार्च 2026:
गर्मी का मौसम शुरू होते ही पर्यटन गतिविधियों को नई रफ्तार देने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। उत्तर प्रदेश पर्यटन नीति-2022 के तहत राज्य में भूमि, जल और वायु आधारित साहसिक पर्यटन परियोजनाओं में निवेश के लिए व्यक्तियों, संस्थाओं और उद्यमियों को आमंत्रित किया गया है। इस पहल का उद्देश्य प्रदेश को रोमांचक और अनुभव आधारित पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाना है।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि प्रदेश में पर्यटन को केवल ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों तक सीमित नहीं रखा जाएगा। इसे रोमांचक अनुभवों से भी जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देकर प्रदेश की भौगोलिक विविधता और प्राकृतिक संभावनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई जाएगी। इसके लिए निजी क्षेत्र, उद्यमियों और संस्थाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण होगी।
पर्यटकों की रुचि और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस महत्वाकांक्षी पहल को तीन प्रमुख श्रेणियों भूमि आधारित, जल आधारित और वायु आधारित एडवेंचर टूरिज्म में विभाजित किया गया है। भूमि आधारित गतिविधियों में एटीवी (ऑल-टेरेन व्हीकल) टूर, बंजी जंपिंग, साइकिलिंग टूर, जीप सफारी और मोटरसाइकिल टूर जैसी रोमांचक गतिविधियों को विकसित किया जाएगा। इससे खासतौर पर युवाओं और साहसिक पर्यटन के शौकीनों को नया अनुभव मिलेगा।
वहीं जल आधारित एडवेंचर टूरिज्म के अंतर्गत कयाकिंग, राफ्टिंग, रिवर क्रूजिंग और आधुनिक वाटर स्पोर्ट्स सेंटर जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा वायु आधारित एडवेंचर टूरिज्म के तहत हॉट एयर बैलूनिंग, पैराग्लाइडिंग और स्काईडाइविंग जैसी गतिविधियों को विकसित करने की योजना है। इससे पर्यटक आसमान की ऊंचाइयों से रोमांच का अनुभव कर सकेंगे।
पर्यटन विभाग ने निवेशकों को आकर्षित करने के लिए कई आकर्षक प्रोत्साहन भी तय किए हैं। पर्यटन नीति-2022 के अनुसार 10 लाख से 10 करोड़ रुपये तक के निवेश पर 25 प्रतिशत तक की सब्सिडी (अधिकतम 2 करोड़ रुपये) दी जाएगी। इसी तरह बड़े निवेश पर भी चरणबद्ध तरीके से 10 से 20 प्रतिशत तक की सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही 100 प्रतिशत स्टांप शुल्क में छूट और भूमि परिवर्तन व विकास शुल्क में भी पूरी राहत दी जाएगी। अनुसूचित जाति-जनजाति और महिला उद्यमियों को अतिरिक्त 5 प्रतिशत प्रोत्साहन भी मिलेगा।
अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य अमृत अभिजात के अनुसार यह पहल प्रदेश को पारंपरिक पर्यटन से आगे ले जाकर अनुभव आधारित पर्यटन का नया केंद्र बनाएगी। इससे न केवल पर्यटन गतिविधियां बढ़ेंगी बल्कि रोजगार, निवेश और स्थानीय उद्यमिता के नए अवसर भी पैदा होंगे।






