एटा, 10 मार्च 2026:
एटा के मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) नागेंद्र नारायण मिश्रा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में सीडीओ आंगनबाड़ी केंद्रों में नियुक्ति पर 10 हजार रुपये की व्यवस्था कराने की बात करते नजर आ रहे हैं। मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई है।
वायरल वीडियो में सीडीओ नागेंद्र नारायण मिश्रा, पोषण अभियान के तहत तैनात डिस्ट्रिक्ट कॉर्डिनेटर संजीव पचौरी से बातचीत करते दिखाई देते हैं। बातचीत के दौरान वह हर आंगनबाड़ी कार्यकत्री से 10 हजार रुपये दिलाने की बात कहते हैं और पचौरी से इसकी व्यवस्था कराने को कहते सुनाई देते हैं। वीडियो में सीडीओ के सामने एक फाइल भी दिखाई दे रही है, जिसमें 10 तारीख के बाद रिजल्ट जारी करने जैसी बातों का जिक्र होता सुनाई देता है।
श्री नागेंद्र नारायण मिश्रा, मुख्य विकास अधिकारी, एटा द्वारा कथित रूप से रिश्वत मांगने से संबंधित वीडियो वायरल होने के प्रकरण में उनके विरुद्ध नियम 7 के अंतर्गत विभागीय कार्यवाही प्रारंभ की गई है तथा उन्हें निलंबित कर दिया गया है।
— Keshav Prasad Maurya (@kpmaurya1) March 10, 2026
बताया जा रहा है कि संजीव पचौरी ने इस मांग से खुद को अलग रखते हुए किसी भी तरह के पैसों के लेन-देन में शामिल होने से मना कर दिया। वीडियो सामने आने के बाद यह मामला तेजी से चर्चा में आ गया और शासन स्तर तक पहुंच गया। नागेंद्र नारायण मिश्रा ग्राम्य विकास सेवा से पदोन्नत होकर सीडीओ बने हैं। वायरल वीडियो के बाद सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सीडीओ नागेंद्र नारायण मिश्रा को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही उन्हें मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है और पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है।






