लखनऊ, 11 मार्च 2026:
यूपी सरकार ने बच्चों, गर्भवती और धात्री महिलाओं के बेहतर पोषण के लिए बड़ा और अभिनव कदम उठाया है। प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों में अप्रैल से रेसिपी आधारित अनुपूरक पुष्टाहार की नई व्यवस्था लागू की जाएगी। भारत सरकार की गाइडलाइन और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत लागू होने वाली इस व्यवस्था के साथ उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बन जाएगा जहां आंगनबाड़ी में इस तरह की पोषण प्रणाली लागू होगी।
नई व्यवस्था के तहत अनुपूरक पुष्टाहार के वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए चेहरा पहचान प्रणाली (फेस रिकग्निशन सिस्टम) लागू की जाएगी। इसके बाद प्रदेश में पुष्टाहार का ऑफलाइन वितरण अमान्य माना जाएगा और केवल एफआरएस प्रणाली के माध्यम से ही वितरण मान्य होगा। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि लाभ सीधे पात्र लाभार्थियों तक पहुंचे और किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो।
राज्य सरकार ने सात श्रेणियों के लाभार्थियों को ध्यान में रखते हुए पौष्टिक भोजन की व्यवस्था तैयार की है। इसके तहत उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एसआरएलएम) के माध्यम से रेसिपी आधारित पुष्टाहार तैयार कर सीधे आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा। जिन जिलों या परियोजनाओं में यह व्यवस्था उपलब्ध नहीं होगी वहां राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (नैफेड) के जरिए आपूर्ति की जाएगी।
भोजन की व्यवस्था अलग-अलग आयु वर्ग और जरूरतों के अनुसार तय की गई है। छह माह से एक वर्ष तक के बच्चों को आटा-बेसन का मीठा हलवा दिया जाएगा। एक से तीन वर्ष तक के बच्चों को भी यही हलवा मिलेगा। तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को आटा-बेसन बर्फी (मीठा) और दलिया-मूंग-सोया खिचड़ी (नमकीन) उपलब्ध कराई जाएगी। गर्भवती और धात्री महिलाओं के लिए आटा-बेसन-सोया बर्फी और दलिया-मूंग-दाल खिचड़ी की व्यवस्था की गई है।
अतिकुपोषित बच्चों के लिए विशेष पौष्टिक आहार का भी प्रावधान रखा गया है। इसमें छह माह से एक वर्ष तक के बच्चों को पौष्टिक हलवा, एक से तीन वर्ष तक के बच्चों को बाल संजीवनी नामक पौष्टिक हलवा और तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को पौष्टिक हलवा के साथ पौष्टिक दलिया दिया जाएगा।
इस रेसिपी आधारित व्यवस्था में भारत सरकार के मानकों के अनुरूप कैलोरी और प्रोटीन के साथ 11 आवश्यक माइक्रोन्यूट्रिएंट्स को भी शामिल किया गया है। इससे बच्चों और महिलाओं को संतुलित पोषण मिल सके। साथ ही इस व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार ने 301.19 करोड़ रुपये का वायबिलिटी गैप फंड (वीजीएफ) भी मंजूर किया है। इससे उत्पादन इकाइयों को आर्थिक सहयोग मिलेगा और लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण टेक होम राशन (टीएचआर) की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।






