लखनऊ, 12 मार्च 2026:
यूपी को इको-टूरिज्म का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में सरकार लगातार कदम बढ़ा रही है। यूपी इको-टूरिज्म विकास बोर्ड प्रदेश के कम लोकप्रिय प्राकृतिक स्थलों को भी पर्यटन मानचित्र पर लाने का प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में फिरोजाबाद के रपड़ी इको पर्यटन केंद्र और गाजीपुर स्थित कामाख्या वन पार्क में आधुनिक पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। इन परियोजनाओं से प्रकृति प्रेमी पर्यटकों को नया अनुभव मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आय के अवसर भी बढ़ेंगे।
फिरोजाबाद स्थित रपड़ी इको पार्क में करीब 5 करोड़ रुपये की लागत से फेज-2 के तहत विकास कार्य किए जा रहे हैं। इस परियोजना के अंतर्गत पार्क में भव्य प्रवेश द्वार, इंटरप्रिटेशन सेंटर और टिकट काउंटर का निर्माण किया जा रहा है। पर्यटकों को रोमांचक अनुभव देने के लिए यहां वॉल क्लाइम्बिंग, वुडन डेक और आकर्षक सेल्फी प्वाइंट विकसित किए जाएंगे। साथ ही प्रकृति के बीच सैर का आनंद लेने के लिए नेचर ट्रेल भी तैयार की जाएगी। पार्क में पार्किंग, पेयजल, टॉयलेट ब्लॉक और साइनेज जैसी बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था भी की जा रही है। पर्यटकों के ठहरने और विश्राम के लिए गजेबो या गोल हट तथा स्विस टेंट की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

उधर, गाजीपुर के कामाख्या वन पार्क में करीब 1 करोड़ रुपये की लागत से इको-टूरिज्म सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। यहां विशेष रूप से बटरफ्लाई गार्डन विकसित किया जाएगा जहां विभिन्न प्रजातियों की तितलियों को देखने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा लैंडस्केप पार्क, वाटर फाउंटेन, गजेबो या गोल हट और बच्चों के लिए चिल्ड्रेन पार्क का निर्माण भी किया जाएगा।
परियोजना के तहत आकर्षक प्रवेश प्लाजा और इंटरप्रिटेशन सेंटर भी बनाए जाएंगे जो पर्यटकों को वन पार्क की विशेषताओं से परिचित कराएंगे। साथ ही पेयजल, पोल लाइट, बेंच और डस्टबिन जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद फिरोजाबाद और गाजीपुर के वन पार्कों को नई पहचान मिलेगी। प्रदेश में इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।






