लखनऊ, 14 मार्च 2026:
यूपी में युवाओं को रोजगार से जोड़ने और उन्हें कौशल के आधार पर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में योगी सरकार लगातार कदम उठा रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की ओर से मार्च माह में प्रदेश के तीन प्रमुख शहरों में बृहद रोजगार मेलों का आयोजन किया जाएगा। इन मेलों के माध्यम से बड़ी संख्या में युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है।
कौशल विकास मिशन की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार 18 मार्च को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में बड़ा रोजगार मेला आयोजित होगा। इस मेले में लखनऊ, कानपुर, अयोध्या और बरेली मंडल के युवाओं को विभिन्न कंपनियों में रोजगार पाने का अवसर मिलेगा। इसके बाद 24 मार्च को झांसी के बुंदेलखंड महाविद्यालय में रोजगार मेला आयोजित किया जाएगा। इसमें झांसी, चित्रकूट और आगरा मंडल के अभ्यर्थी भाग ले सकेंगे। वहीं 25 मार्च को वाराणसी के राजकीय आईटीआई करौंदी परिसर में रोजगार मेला आयोजित होगा, जहां वाराणसी, मिर्जापुर और प्रयागराज मंडल के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि सरकार की नीति के तहत कौशल विकास मिशन युवाओं को प्रशिक्षण देने के साथ-साथ उन्हें रोजगार से जोड़ने पर विशेष जोर दे रहा है। रोजगार मेलों के माध्यम से प्रशिक्षित युवाओं और कंपनियों को एक मंच पर लाकर भर्ती प्रक्रिया को सरल बनाया जा रहा है।
मिशन डायरेक्टर पुलकित खरे ने बताया कि प्रदेश में चल रही विभिन्न योजनाओं, कौशल प्रशिक्षण, स्टार्टअप और औद्योगिक निवेश के कारण रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं। इन रोजगार मेलों के लिए हर स्थल पर 100 से अधिक कंपनियों और नियोक्ताओं को आमंत्रित किया जाएगा, जो युवाओं का चयन करेंगी।
इन मेलों में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, मुख्यमंत्री युवा कौशल योजना, आईटीआई और पॉलिटेक्निक से प्रशिक्षित युवाओं के साथ-साथ अन्य योग्य अभ्यर्थियों को भी रोजगार के अवसर मिलेंगे। साथ ही महिला अभ्यर्थियों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने, जीरो पॉवर्टी अभियान से जुड़े परिवारों के युवाओं को प्राथमिकता देने और दिव्यांगजनों के लिए भी विशेष अवसर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है।
कौशल विकास मिशन के अनुसार हर आयोजन स्थल पर ऐसी रिक्तियां उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है जिनमें न्यूनतम 1.50 लाख रुपये वार्षिक वेतन हो जिससे युवाओं को बेहतर रोजगार के अवसर मिल सकें और प्रदेश में कौशल आधारित रोजगार को बढ़ावा मिले।






