लखनऊ, 17 मार्च 2026:
यूपी में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की उपलब्धता को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए कालाबाजारी और अवैध बिक्री के खिलाफ व्यापक अभियान छेड़ दिया है। सीएम योगी के निर्देश के बाद प्रदेशभर में प्रवर्तन एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। लगातार निरीक्षण व छापेमारी की कार्रवाई की जा रही है।
खाद्य एवं रसद विभाग के अनुसार 12 मार्च से अब तक प्रदेशभर में कुल 4,816 निरीक्षण और छापेमारी की गई हैं। इस अभियान के दौरान एलपीजी वितरकों के खिलाफ 10 केस दर्ज किए गए। गैस की कालाबाजारी में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ 60 एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की गई है। मौके से 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं 67 व्यक्तियों के विरुद्ध अभियोजन की कार्रवाई भी शुरू की गई है।
सरकार ने उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश के 4,108 एलपीजी वितरकों के यहां विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि उपभोक्ताओं को बुकिंग के अनुरूप ही गैस सिलेंडर की डिलीवरी मिले। इसके लिए स्टॉक की नियमित समीक्षा की जा रही है। जरूरत के अनुसार रिफिल की उपलब्धता पर भी लगातार नजर रखी जा रही है।
केंद्र सरकार द्वारा वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों की कुल खपत के 20 प्रतिशत आवंटन की अनुमति दिए जाने के बाद उसके प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है। उपभोक्ताओं की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए खाद्य आयुक्त कार्यालय में पेट्रोलियम पदार्थों के वितरण से संबंधित शिकायतों के लिए 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
इसके अलावा होम कंट्रोल रूम में भी अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है। जिलों में भी कंट्रोल रूम स्थापित कर दिए गए हैं। जिलापूर्ति अधिकारी और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी लगातार फील्ड में भ्रमण कर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं जिससे उपभोक्ताओं तक एलपीजी की आपूर्ति पहुंचने में कोई दिक्कत न होने पाए।






