लखनऊ, 17 मार्च 2026:
राजधानी लखनऊ के सरोजनी नगर इलाके में स्थित प्राचीन जलसाई नाथ मंदिर को नया रूप देने की तैयारी शुरू हो गई है। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने इसके सौंदर्यीकरण और विकास के लिए करीब 89.82 लाख रुपये की योजना पर काम शुरू कर दिया है। इसमें 60 लाख रुपये की पहली किस्त भी जारी हो चुकी है।
इस योजना के पूरा होने के बाद मंदिर परिसर पहले से ज्यादा व्यवस्थित और आकर्षक नजर आएगा। साथ ही यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और इलाके में पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। पर्यटन व संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि मंदिर परिसर में यात्री हॉल बनाया जाएगा। इसके अलावा शेड, बैठने के प्लेटफॉर्म, स्टील रेलिंग और आरसीसी बेंच लगाए जाएंगे। परिसर में इंटरलॉकिंग टाइल्स, स्ट्रीट लाइट, साफ पेयजल की व्यवस्था और बागवानी का काम भी होगा। उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं से श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी और मंदिर एक बेहतर धार्मिक स्थल के रूप में विकसित होगा।

जलसाई मंदिर से जुड़ी है गहरी आस्था, अन्य मंदिरों पर भी होगा काम
स्थानीय लोगों के मुताबिक जलसाई नाथ मंदिर काफी पुराना है और इसे स्वयंभू माना जाता है। बताया जाता है कि यह करीब 200 साल से ज्यादा पुराना है। समय के साथ यह इलाके में आस्था का बड़ा केंद्र बन चुका है। सावन और महाशिवरात्रि पर यहां बड़ी संख्या में लोग दर्शन के लिए पहुंचते हैं, जिससे इसकी धार्मिक अहमियत और बढ़ जाती है। पर्यटन विभाग अब बड़े तीर्थ स्थलों के साथ छोटे और कम चर्चित मंदिरों पर भी ध्यान दे रहा है। इसी क्रम में चौक के कोनेश्वर महादेव मंदिर और बारा बिरवा स्थित संत रविदास मंदिर समेत कई जगहों पर विकास कार्य चल रहे हैं।
लखनऊ बन रहा बड़ा पर्यटन केंद्र, 38 हजार से अधिक विदेशी पहुंचे
मंत्री जयवीर सिंह के मुताबिक लखनऊ अपनी विरासत, खानपान और धार्मिक स्थलों की वजह से तेजी से पर्यटन हब बन रहा है। बेहतर कनेक्टिविटी और सुविधाओं के चलते साल 2025 में यहां 1.71 करोड़ से ज्यादा पर्यटक पहुंचे, जिनमें 38 हजार से अधिक विदेशी भी शामिल रहे। सरकार का फोकस है कि धार्मिक पर्यटन को और मजबूत किया जाए, ताकि शहर को देश के बड़े पर्यटन केंद्रों में और मजबूती से स्थापित किया जा सके।






