Uttar Pradesh

लोदीपुर धाम को मिलेगी नई पहचान : 1.67 करोड़ से होगा श्री जम्भेश्वर मंदिर का कायाकल्प

आध्यात्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं, चैत्र अमावस्या मेले में एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं की भागीदारी

लखनऊ/मुरादाबाद, 18 मार्च 2026:

यूपी में आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और अल्पज्ञात धार्मिक स्थलों को नई पहचान दिलाने की दिशा में लोदीपुर धाम का विकास तेज हो गया है। मुरादाबाद जिले में स्थित ऐतिहासिक श्री जम्भेश्वर मंदिर के कायाकल्प के लिए 1.67 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना के तहत मंदिर परिसर में व्यापक सौंदर्यीकरण और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि इस विकास योजना के तहत सत्संग भवन, यज्ञशाला, विश्राम गृह, रसोई, आधुनिक शौचालय, भव्य प्रवेश द्वार और ढका हुआ परिक्रमा मार्ग तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना प्रदेश के आध्यात्मिक स्थलों को नई पहचान देने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। साथ ही इससे बिश्नोई समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण भी सुनिश्चित होगा।

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इसी क्रम में लोदीपुर धाम में हर वर्ष चैत्र अमावस्या पर लगने वाला दो दिवसीय धार्मिक मेला इस बार भी श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, गुजरात और मध्य प्रदेश से आए श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। श्री गुरु जम्भेश्वर धाम सेवा समिति के सचिव अजीत सिंह बिश्नोई के अनुसार इस बार मेले में एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

करीब 200 वर्ष पुराने इस मंदिर से बिश्नोई संप्रदाय की गहरी आस्था जुड़ी है। गुरु जम्भेश्वर जी ने 15वीं सदी में 29 नियमों के साथ इस संप्रदाय की स्थापना की थी। उन्हें जांभोजी के नाम से जाना जाता है। पर्यावरण संरक्षण और संतुलित जीवन शैली के लिए यह समाज आज भी पहचाना जाता है।

सरकार का मानना है कि लोदीपुर धाम का विकास धार्मिक पर्यटन को गति देने कू सात स्थानीय रोजगार और व्यापार को भी बढ़ावा देगा। वर्ष 2025 में मुरादाबाद में बड़ी संख्या में पर्यटकों का आगमन इस दिशा में सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

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