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पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर : कूटनीति और मिसाइलों के बीच घिरा युद्ध, होर्मुज स्ट्रेट पर टिकी दुनिया की नजर

अमेरिका-ईरान बातचीत के दावों पर विवाद, इजराइल पर मिसाइल हमले तेज, वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर बढ़ी चिंता, पश्चिम एशिया में वार और वार्ता के बीच झूलते नजर आ रहे हालात

न्यूज डेस्क, 24 मार्च 2026:

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध चौथे सप्ताह में पहुंच चुका है लेकिन हालात सामान्य होने के बजाय और अधिक जटिल होते जा रहे हैं। एक ओर कूटनीतिक स्तर पर बातचीत की कोशिशें तेज हुई तो दूसरी ओर जमीनी स्तर पर सैन्य गतिविधियां लगातार जारी हैं। इससे क्षेत्र में अस्थिरता बनी हुई है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर पर संभावित हमलों को कुछ दिनों के लिए रोकने का ऐलान किया है। ट्रंप के अनुसार तेहरान के साथ सकारात्मक और ठोस बातचीत हुई है और तनाव कम करने के प्रयास जारी हैं। हालांकि, ईरान ने इस दावे को खारिज करते हुए इसे फेक न्यूज बताया है। इससे दोनों देशों के बीच अविश्वास और स्पष्ट हो गया है।

इसी बीच इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया है कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई पहले की तरह जारी रहेगी। हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इजराइल की राजधानी तेल अवीव पर ईरान की ओर से कई मिसाइलें दागी गईं। एक हमले में लगभग 100 किलोग्राम विस्फोटक वाले वॉरहेड के कारण रिहायशी इलाके में घरों और गाड़ियों को नुकसान पहुंचा। हालांकि किसी के गंभीर रूप से घायल होने की खबर नहीं है।

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दूसरी ओर लेबनान में सक्रिय संगठन हिजबुल्लाह ने दक्षिणी लेबनान में इजराइली सैनिकों को निशाना बनाते हुए रॉकेट हमले किए हैं। इसके जवाब में इजराइल डिफेंस फोर्सेस (आईडीएफ) ने राहत और बचाव टीमों को प्रभावित इलाकों में भेजा है। नागरिकों को भीड़भाड़ से बचने की सलाह दी है। उत्तरी इजराइल के हाइफा क्षेत्र के नेशर इलाके में एक इमारत पर मिसाइल गिरने से भारी नुकसान की खबर है।

इस पूरे संकट के बीच वैश्विक समुदाय की नजर रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट पर टिकी हुई है। दुनिया की बड़ी तेल आपूर्ति इसी समुद्री मार्ग से गुजरती है। किसी भी तरह की बाधा वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकती है। कई देशों ने इस मार्ग से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

व्हाइट हाउस ने भी स्थिति को संवेदनशील बताते हुए कहा है कि संभावित कूटनीतिक बातचीत को लेकर अटकलों पर भरोसा नहीं किया जाना चाहिए। प्रेस सेक्रेटरी कैरोलीन लेविट ने स्पष्ट किया कि जब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं होती तब तक किसी भी बातचीत को अंतिम नहीं माना जा सकता। फिलहाल पश्चिम एशिया में हालात वार और वार्ता के बीच झूलते नजर आ रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि कूटनीति भारी पड़ती है या संघर्ष और गहराता है।

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