न्यूज डेस्क, 31 मई 2026:
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद भी राजनीतिक तनाव और हिंसा का दौर थमता नजर नहीं आ रहा है। पिछले 24 घंटों के भीतर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के दो सांसदों पर हमले की घटनाओं ने राज्य की सियासत को गरमा दिया है। रविवार को हुगली जिले में टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी पर कथित हमला हुआ। इससे एक दिन पहले पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं सांसद अभिषेक बनर्जी भी हमले का शिकार हुए थे।
जानकारी के मुताबिक कल्याण बनर्जी रविवार को हुगली के चंडीतला पुलिस स्टेशन पहुंचे थे। वह टीएमसी कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल के साथ पुलिस अधिकारियों को ज्ञापन देने गए थे। इसी दौरान वहां मौजूद प्रदर्शनकारियों ने उनका विरोध शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने उन्हें काले झंडे दिखाए, उनके खिलाफ नारेबाजी की और ‘चोर-चोर’ के नारे भी लगाए।
हंगामे के बीच कल्याण बनर्जी पर कथित तौर पर हमला किए जाने का दावा किया गया है। घटना में उनके सिर में चोट लगने की बात सामने आई है। हमले के बाद नाराज सांसद अपने समर्थकों के साथ वहीं धरने पर बैठ गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया।

इस घटना से पहले शनिवार को दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हमला हुआ था। अभिषेक चुनाव बाद हुई हिंसा के पीड़ितों से मिलने पहुंचे थे। आरोप है कि इस दौरान उनके साथ धक्का-मुक्की की गई। कपड़े फाड़ दिए गए और उन पर अंडे फेंके गए। मौके पर मौजूद लोगों ने उनके खिलाफ नारेबाजी भी की थी।
अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस घटना को लेकर टीएमसी ने भाजपा पर निशाना साधा है। वहीं, टीएमसी सुप्रीमो एवं पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हमले के विरोध में प्रदर्शन का ऐलान किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि अभिषेक ने हेलमेट नहीं पहना होता तो उनकी जान भी जा सकती थी। ममता ने दावा किया कि हमले में अभिषेक के सीने और पसलियों में चोटें आई तथा उन्हें इलाज मिलने से रोकने की कोशिश की गई।
हालांकि, भाजपा ने टीएमसी के सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। लगातार सामने आ रही हिंसक घटनाओं ने एक बार फिर बंगाल की राजनीतिक स्थिति और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। चुनावी मुकाबला खत्म होने के बावजूद राजनीतिक टकराव का माहौल अभी भी शांत होता दिखाई नहीं दे रहा है।






