Uttar Pradesh

शिक्षा सुधार को मिली ताकत : 33,401 शिक्षकों की भर्ती से बदली माध्यमिक स्कूलों की व्यवस्था

2017 के बाद मिशन मोड में चली भर्ती प्रक्रिया, वर्षों से खाली पड़े पद भरे गए, विद्यालयों में बढ़ी शिक्षकों की उपलब्धता और मजबूत हुई शिक्षा व्यवस्था

लखनऊ, 31 मई 2026:

यूपी में माध्यमिक शिक्षा के क्षेत्र में वर्षों से चले आ रहे भर्ती संकट को समाप्त कर सरकार ने व्यवस्था परिवर्तन की एक नई कहानी लिखी है। एक समय ऐसा था जब वर्ष 2012 से 2017 के बीच भर्ती प्रक्रिया लगभग ठप पड़ गई थी। विद्यालयों में शिक्षकों के हजारों पद खाली हो गए थे। इसका सीधा असर शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा था। वर्ष 2017 में नई सरकार के गठन के बाद भर्ती प्रक्रिया को मिशन मोड में आगे बढ़ाया गया। इसका परिणाम 33,401 पदों पर सफल चयन के रूप में सामने आया।

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार अप्रैल 2017 से वर्ष 2022 तक प्रधानाचार्य के 783, प्रवक्ता के 5,321 और प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) के 27,297 पदों पर चयन प्रक्रिया पूरी की गई। इस प्रकार कुल 33,401 पदों पर भर्ती कर माध्यमिक शिक्षा व्यवस्था को नया संबल प्रदान किया गया।

सरकार का दावा है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, सुशासन और मेरिट को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। वर्षों से लंबित चयन प्रक्रियाओं को गति देकर हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए। विद्यालयों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी को भी काफी हद तक दूर किया गया।

बड़ी संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति से विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को मजबूती मिली है। विद्यार्थियों को नियमित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण उपलब्ध कराने में मदद मिली है, जबकि प्रधानाचार्यों की नियुक्तियों ने विद्यालयों के प्रशासनिक और शैक्षणिक नेतृत्व को भी मजबूत किया है। इससे विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण विकसित होने की उम्मीद बढ़ी है।

माध्यमिक शिक्षा में यह बदलाव केवल भर्ती तक सीमित नहीं रहा। प्रदेश में ऑपरेशन अलंकार, स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, विज्ञान एवं कंप्यूटर प्रयोगशालाओं की मजबूती, डिजिटल शिक्षा और नकलविहीन परीक्षा प्रणाली जैसी पहलें भी समानांतर रूप से लागू की गईं। इन सुधारों के साथ पर्याप्त शिक्षकों की उपलब्धता ने शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को नई गति प्रदान की है।

शिक्षा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि विद्यालयों में पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति किसी भी शिक्षा सुधार की आधारशिला होती है। ऐसे में 33 हजार से अधिक पदों पर हुई भर्ती को माध्यमिक शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इसने वर्षों से चली आ रही रिक्तियों को कम करने के साथ विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक माहौल तैयार करने की दिशा में भी अहम भूमिका निभाई है।

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