एमएम खान
मोहनलालगंज (लखनऊ), 25 मार्च 2026:
चैत्र नवरात्र के शुभ अवसर पर जमीन रजिस्ट्री के लिए लखनऊ की मोहनलालगंज तहसील में लोगों की भारी भीड़ लग रही है। मंगलवार को यह भीड़ उस समय बेकाबू हो गई जब दोपहर करीब 2 बजे के बाद रजिस्ट्री का सर्वर ठप हो गया। तकनीकी खराबी इतनी लंबी चली कि देर रात 11 बजे तक काम पूरी तरह प्रभावित रहा।
तहसील परिसर में तमाम लोग सुबह से ही लाइन में लगे थे लेकिन सर्वर फेल होने के बाद हालात बिगड़ने लगे। लंबा इंतजार और अव्यवस्था के चलते कई बार लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और हंगामे की स्थिति बन गई। भीड़ के दबाव में कहासुनी और हल्की झड़पें भी हुईं जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
स्थिति तब और बिगड़ी जब रात में बिजली भी चली गई। ऐसे में लोगों ने मोबाइल की रोशनी में दस्तावेजों का काम निपटाना शुरू किया। हालांकि अधिकारियों के लगातार समझाने और प्रयासों के बाद देर रात रजिस्ट्री का काम दोबारा शुरू हुआ और धीरे-धीरे मामला शांत कराया गया।

बताया जा रहा है कि रात 10 बजे तक करीब 50 रजिस्ट्रियां लंबित थीं, जिन्हें देर रात तक पूरा किया गया। अधिवक्ता नितिन जायसवाल, असलम, आलोक कुमार, अभय, सुरेश सहित कई लोगों ने बताया कि सर्वर की दिक्कतों के साथ-साथ 2026 में लागू हुए नए नियमों ने भी प्रक्रिया को जटिल बना दिया है।
अब रजिस्ट्री के लिए आधार आधारित बायोमीट्रिक सत्यापन, खतौनी की ऑनलाइन जांच और पैन कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है। खरीदार, विक्रेता और गवाहों को बायोमीट्रिक मशीन पर पहचान देनी होती है जबकि फिंगरप्रिंट मैच न होने पर OTP से सत्यापन किया जाता है।
इसके अलावा दस्तावेजों का डिजिटल अपलोड और ऑनलाइन ट्रैकिंग की प्रक्रिया भी लागू है। इसका उद्देश्य फर्जीवाड़ा रोकना और पारदर्शिता बढ़ाना है। हालांकि, तकनीकी खामियों और भारी भीड़ के चलते यही नियम लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं।






