न्यूज डेस्क, 27 मार्च 2026:
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के बाद यह फैसला लिया गया, जिससे आम लोगों और तेल कंपनियों दोनों को राहत मिल सके।
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि पिछले एक महीने में क्रूड ऑयल की कीमतें करीब 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 122 डॉलर तक पहुंच गई हैं। इस बढ़ोतरी का असर दुनिया के कई हिस्सों में दिखा है, जहां ईंधन की कीमतों में भारी इजाफा हुआ।
उन्होंने कहा कि सरकार के सामने दो रास्ते थे। या तो अंतरराष्ट्रीय कीमतों का पूरा बोझ सीधे जनता पर डाल दिया जाता, या फिर खुद दबाव लेकर राहत दी जाती। सरकार ने दूसरा रास्ता चुना। सरकार ने 26 मार्च को जारी आदेश में पेट्रोल और डीजल पर 10 रुपये प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी कम कर दी। इसके बाद पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 13 रुपये से घटकर 3 रुपये रह गई है, जबकि डीजल पर इसे 10 रुपये से घटाकर शून्य कर दिया गया है।
The global situation remains in flux, and we are closely monitoring developments across energy, supply chains, and essential commodities on a real-time basis.
Under the leadership of Hon’ble PM @narendramodi Ji, all necessary steps are being taken to ensure uninterrupted…
— Hardeep Singh Puri (@HardeepSPuri) March 27, 2026
इस फैसले से तेल कंपनियों को भी राहत मिली है। बढ़ती अंतरराष्ट्रीय कीमतों के बीच कंपनियां घाटे में चल रही थीं। फिलहाल पेट्रोल पर करीब 24 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर करीब 30 रुपये प्रति लीटर का दबाव बताया जा रहा है। सरकार ने घरेलू बाजार में कीमतें काबू में रखने के लिए कुछ उत्पादों के निर्यात पर टैक्स भी लगाया है। डीजल पर 21.5 रुपये प्रति लीटर और एविएशन टरबाइन फ्यूल पर 29.5 रुपये प्रति लीटर शुल्क तय किया गया है।
मंत्री ने कहा कि वैश्विक स्थिति अभी भी अनिश्चित बनी हुई है, और हम ऊर्जा, सप्लाई चेन और ज़रूरी वस्तुओं से जुड़े हालात पर लगातार नज़र बनाए हुए हैं। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि देश में ईंधन, ऊर्जा और अन्य आवश्यक चीज़ों की आपूर्ति बिना किसी रुकावट के जारी रहे। हर संभावित चुनौती से निपटने के लिए हम पूरी तरह तैयार हैं। भारत ने पहले भी वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच अपनी मज़बूती दिखाई है, और आगे भी हम समय पर, सक्रिय और समन्वित तरीके से कदम उठाते रहेंगे।
लॉकडाउन को लेकर फैल रही अफवाहें पूरी तरह गलत हैं। मैं स्पष्ट करना चाहता हूँ कि सरकार के स्तर पर ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। ऐसे समय में ज़रूरी है कि हम सभी शांत, ज़िम्मेदार और एकजुट रहें। इस तरह की स्थिति में अफवाह फैलाना और बेवजह डर का माहौल बनाना गैर-जिम्मेदाराना और हानिकारक है। वहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस कदम से उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी और वैश्विक उतार-चढ़ाव का असर कम होगा।






