Uttar Pradesh

NIA : दिल्ली पर कम होगी निर्भरता… कनेक्टिविटी से बदलेगा हवाई यात्रा का नक्शा

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट सड़क, रेल, मेट्रो और हाईस्पीड नेटवर्क से सीधे जुड़ेगा, उत्तर भारत के यात्रियों को इंटरनेशनल फ्लाइट के लिए अब नहीं जाना पड़ेगा दिल्ली

लखनऊ, 28 मार्च 2026:

पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के फेज वन का आज लोकार्पण कर दिया गया। ये एयरपोर्ट सिर्फ एक हवाई अड्डा नहीं, बल्कि कनेक्टिविटी का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। सड़क, रेल, मेट्रो और हाईस्पीड रेल नेटवर्क से इसे जोड़ने का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके शुरू होने के बाद उत्तर भारत के यात्रियों को इंटरनेशनल फ्लाइट के लिए दिल्ली जाने की जरूरत काफी हद तक कम हो जाएगी।

एयरपोर्ट को यमुना एक्सप्रेसवे से सीधे जोड़ा गया है, जहां इसके लिए अलग इंटरचेंज तैयार किया गया है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ने के बाद दक्षिण हरियाणा और पश्चिमी भारत से यहां पहुंच और आसान हो गई है। आगे गंगा एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के जुड़ने से कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।

ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का इंटरचेंज अभी निर्माणाधीन है। इसके पूरा होने पर गाजियाबाद, मेरठ, पलवल और सोनीपत से सीधा रास्ता मिल जाएगा। एयर कार्गो और औद्योगिक आवाजाही के लिए उत्तर और पूर्व एक्सेस रोड भी लगभग तैयार हैं। सेक्टर-28 में 60 मीटर चौड़ी सर्विस रोड को यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़कर लोकल ट्रैफिक का दबाव कम करने की तैयारी की गई है।

रेल कनेक्टिविटी पर भी तेजी से काम हो रहा है। दिल्ली से जेवर को जोड़ने वाली आरआरटीएस परियोजना का डीपीआर केंद्र सरकार को भेजा जा चुका है। चोला-रुंधी रेल लाइन से जोड़ने की योजना भी तैयार है। भविष्य में प्रस्तावित दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड रेल लाइन में जेवर टर्मिनल पर स्टेशन का प्रावधान रखा गया है, जिससे यह एयरपोर्ट और अहम हो जाएगा।

सार्वजनिक परिवहन को ध्यान में रखते हुए यूपी रोडवेज के साथ समझौता किया गया है। इसके तहत उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान से इंटरस्टेट बस सेवाएं शुरू होंगी। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण मिलकर करीब 500 इलेक्ट्रिक बसें चलाने की योजना पर काम कर रहे हैं, जो एयरपोर्ट तक आसान कनेक्टिविटी देंगी।

यात्रियों की सुविधा के लिए ब्रांडेड कैब सेवाएं भी शुरू की जाएंगी। महिंद्रा लॉजिस्टिक्स की ओर से एनआईए कैब सेवा चलाई जाएगी, जिसमें डिजिटल पेमेंट और समयबद्ध सेवा की सुविधा होगी। इसके अलावा उबर, ओला, रैपिडो और मेक माई ट्रिप जैसी कंपनियां भी ऑन डिमांड कैब उपलब्ध कराएंगी। कार रेंटल सेवा में यात्रियों को खुद ड्राइव करने या ड्राइवर के साथ वाहन लेने का विकल्प मिलेगा। इससे यात्रा और आसान होगी।

इस पूरी कनेक्टिविटी का असर दिल्ली एयरपोर्ट पर भी दिखेगा। अब तक इंटरनेशनल फ्लाइट के लिए ज्यादातर लोग दिल्ली पर निर्भर थे, लेकिन जेवर एयरपोर्ट शुरू होने के बाद यह दबाव कम होगा। उत्तर भारत के साथ आसपास के राज्यों के लोगों को भी सीधा फायदा मिलेगा।

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