लखनऊ, 28 मार्च 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में शनिवार को शहीद स्मारक पर शिया समुदाय ने सऊदी अरब सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान लोगों में गहरा आक्रोश देखने को मिला। उन्होंने इजराइल और अमेरिका के खिलाफ भी नारेबाजी की गई। कुछ प्रदर्शनकारियों ने इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की तस्वीर को पैरों तले कुचलकर विरोध दर्ज कराया।
यह प्रदर्शन जन्नतुल बकी के पुनर्निर्माण की मांग को लेकर आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने सऊदी हुकूमत को खून से लिखे पत्र के माध्यम से अपनी भावनाएं व्यक्त कीं और इसके बाद मातम भी किया। ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि करीब 100 वर्ष पहले सऊदी शासकों द्वारा जन्नतुल बकी में मौजूद पैगंबर मोहम्मद के परिवारजनों की कब्रों को ध्वस्त कर दिया गया था। यह आज भी शिया समुदाय की आस्था को आहत करता है।

उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुखद है कि जिनके नाम पर सऊदी हुकूमत चलती है उनकी बेटी की कब्र आज भी बिना किसी संरचना के खुले आसमान के नीचे है। उन्होंने मांग की कि या तो सऊदी सरकार स्वयं जन्नतुल बकी का पुनर्निर्माण कराए या फिर शिया समुदाय को इसकी अनुमति दी जाए।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में बच्चे भी तख्तियां लेकर पहुंचे, जिन पर सऊदी सरकार शर्म करो जैसे नारे लिखे थे। मालूम हो कि इस मुद्दे पर हर साल इस्लामी कैलेंडर के अनुसार 8 शव्वाल को यह विरोध प्रदर्शन किया जाता है। प्रदर्शन के बाद मौलाना यासूब अब्बास ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि वे इस मामले में हस्तक्षेप कर सऊदी सरकार पर दबाव बनाएं।
इस दौरान स्वामी सारंग के बयान ने माहौल को और गर्मा दिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हुआ उसी तरह जन्नतुल बकी का पुनर्निर्माण भी कराया जाएगा। इसकी पहली ईंट वे स्वयं रखेंगे।






