लखनऊ, 30 मार्च 2026:
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने नए शैक्षिक सत्र की शुरुआत पर बच्चों के नाम ‘योगी की पाती’ शीर्षक से एक भावनात्मक पत्र लिखा है। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने छात्रों को प्रेरित करने के साथ ही अभिभावकों से भी सामाजिक जिम्मेदारी निभाने की अपील की है।
अपने संदेश की शुरुआत मेरे प्यारे बच्चों से करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी विद्यार्थियों को स्वर्णिम भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद और विद्यालय की अन्य गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण की पहली पाठशाला है।
मुख्यमंत्री ने अपने छात्र जीवन को याद करते हुए लिखा कि उन्हें भी अपने विद्यालय से जीवन के मूल संस्कार और शिक्षा मिली, जिसने उनके भविष्य की दिशा तय की। उन्होंने भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के उदाहरण देते हुए बताया कि महान व्यक्तित्वों की नींव भी गुरुकुल से ही पड़ी थी।
मेरे प्यारे बच्चों,
नया शैक्षणिक सत्र आरंभ हो रहा है। आप सभी को स्वर्णिम भविष्य की ढेर सारी शुभकामनाएं। नए सत्र में आप अपनी रुचि के विषय, खेल एवं विद्यालय की गतिविधियों में पूरे मनोयोग से हिस्सा लें तथा अपने सपनों में रंग भरें।
सरकार सुनिश्चित कर रही है कि एक भी बच्चा शिक्षा… pic.twitter.com/3GEZ4OjALR
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) March 30, 2026
पत्र में स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बच्चों से सकारात्मक सोच और कड़ी मेहनत के साथ अपने लक्ष्यों को हासिल करने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने स्वस्थ जीवन के लिए योग और खेलकूद को दिनचर्या में शामिल करने की सलाह दी। तकनीक के इस दौर में उन्होंने बच्चों को स्क्रीन टाइम कम कर एक्टिविटी टाइम बढ़ाने का संदेश दिया कि खूब खेलें, खूब पढ़ें।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपने बच्चों की शिक्षा के साथ-साथ आसपास के वंचित बच्चों को भी विद्यालय तक पहुंचाने का संकल्प लें। उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक चलने वाला ‘स्कूल चलो अभियान’ इसी उद्देश्य को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सीएम ने विश्वास जताया कि जब हर बच्चा पढ़ेगा और आगे बढ़ेगा तभी विकसित उत्तर प्रदेश का सपना साकार होगा।






