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अब ईरान के इस्फहान में अमेरिकी एयरस्ट्राइक, बंकर बस्टर बमों से तबाह हुआ हथियार डिपो

मशहद एयरपोर्ट पर नागरिक विमान क्षतिग्रस्त होने का दावा, ईरान ने बताया ‘वॉर क्राइम’, ट्रंप ने शेयर किया धमाकों का वीडियो

न्यूज डेस्क, 31 मार्च 2026:

मध्य-पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका ने ईरान के इस्फहान शहर में स्थित एक बड़े हथियार डिपो पर सोमवार रात एयरस्ट्राइक की। बताया जा रहा है कि इस हमले में 2000 पाउंड के बंकर बस्टर बमों का इस्तेमाल किया गया जो खासतौर पर मजबूत और भूमिगत ठिकानों को नष्ट करने के लिए जाने जाते हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी अधिकारियों ने दावा किया है कि जिस डिपो को निशाना बनाया गया वहां बड़ी मात्रा में हथियार और सैन्य सामग्री जमा थी। हमले के बाद वहां रखे हथियारों में कई जोरदार विस्फोट हुए जिससे इलाके में आग के विशाल गुबार उठते देखे गए।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस घटनाक्रम के बीच अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक वीडियो भी साझा किया है। हालांकि, उन्होंने वीडियो के साथ कोई विवरण नहीं दिया, लेकिन सोशल मीडिया पर इसे इस्फहान हमले से जोड़कर देखा जा रहा है। इससे पहले ट्रंप ने एक पोस्ट में अमेरिकी सेना की सराहना करते हुए लिखा था कि ईरान में बड़ा दिन रहा और सेना ने लंबे समय से निशाने पर रहे ठिकानों को नष्ट कर दिया।

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इसी बीच एक अमेरिकी अखबार की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ट्रंप प्रशासन सैन्य अभियान को समाप्त करने पर विचार कर सकता है, भले ही होर्मुज स्ट्रेट आंशिक रूप से बाधित रहे। दूसरी ओर ईरान ने एक और गंभीर आरोप लगाया है। ईरानी अधिकारियों के हवाले से खबर है कि मशहद एयरपोर्ट पर अमेरिकी हमले में ईरान एयरलाइंस का एक नागरिक विमान क्षतिग्रस्त हुआ है। बताया जा रहा है कि यह विमान भारत के लिए रवाना होने वाला था जहां से दवाइयां और राहत सामग्री लानी थी।

हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने इस हमले की पुष्टि नहीं की है। वहीं, भारत स्थित ईरानी दूतावास ने इस घटना को ‘वॉर क्राइम’ करार देते हुए अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। दूतावास के अनुसार विमान एक मानवीय मिशन पर था और उसमें विभिन्न देशों से दवाएं और चिकित्सा उपकरण लाए जाने थे।

ईरान ने शिकागो कन्वेंशन (1944) और मॉन्ट्रियल कन्वेंशन (1971) का हवाला देते हुए कहा है कि नागरिक विमानों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से इस मामले में तत्काल कार्रवाई करने, दोषियों को सजा दिलाने और भविष्य में ऐसे हमलों को रोकने की अपील की गई है। इस पूरे घटनाक्रम ने क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है। वैश्विक स्तर पर इसके गंभीर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

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